बदलते परिवेश में खान-पान सही न होने की वजह से समस्याएं होती हैं: डॉ. मानवी जिंदल हरजाई.
BOL PANIPAT : आई.बी.स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत में महिला प्रकोष्ठ व कम्युनिटी साइंस (गृह विज्ञान) के संयुक्त तत्वावधान में सखी प्रोग्राम (व्याख्यान) का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. मानवी जिंदल हरजाई ने छात्राओं को पीसीओडी, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर अपने विचार व्यक्त कर छात्राओं को जागरूक किया | डॉ. मानवी जिंदल हरजाई ने पीसीओडी की समस्या के बारे में बताते हुए कहा कि इस समस्या के क्या कारण है, इससे क्या-क्या हानियां होती है व इसके उपचार बताएं। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं को अपनी दिनचर्या में पोषण युक्त आहार लेना चाहिए तथा मैदा, तली हुई मसालेदार चीजों के सेवन से बचना चाहिए ।उन्होंने महिलाओं में विटामिन डी की कमी व उसके नुकसान तथा उसके उपचार के बारे में भी बताया और महिलाएं अपने स्वास्थ्य का कैसे ध्यान रखें तथा अपनी निजी स्वच्छता का किस प्रकार से ध्यान रखें ।इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वस्थ जीवन बहुत आवश्यक है। महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. सीमा ने विद्यार्थियों को डॉ. मानवी जिंदल हरजाई के द्वारा बताए गए परामर्श पर ध्यान देने के लिए कहा और उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि आज के बदलते परिवेश में खान-पान सही न होने की वजह से समस्याएं होती हैं। पीसीओडी से होने वाली समस्याएं आज आम बात बन गई है। महाविद्यालय की उपप्राचार्य डॉ. शशि प्रभा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ एंड रिसर्च के अनुसार हमारे देश में करीब 10% महिलाएं इस समस्या से जूझ रही है । इसलिए इस समस्या से बचने के लिए हमें खुद ही सावधान व सतर्क रहना होगा। मंच का संचालन डॉक्टर मोनिका के द्वारा किया गया। इस अवसर उपप्राचार्या डॉ. शशि प्रभा, सोनिया, डॉ. सुनीता ढांडा, कनक शर्मा, डॉ. नीतू भाटिया, अंशिका, सोनिया वर्मा, आकांक्षा शर्मा, डॉ. पूजा मलिक, परमजीत कुंडू मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में गौरव छाबड़ा (क्षेत्र बिक्री प्रबंधक)और विशाल (उत्पाद विशेषज्ञ अल्बर्ट डेविड फार्मा लिमिटेड)का विशेष योगदान रहा l लगभग 250 छात्राओं ने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया |

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