राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं देशरत्न लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस को उत्साह पूर्वक मनाया गया
BOL PANIPAT : 2 अक्टूबर, 2024ः- खादी आश्रम, पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच के तत्वावधान में भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र पानीपत, विद्या भारती माॅडर्न स्कूल पानीपत एवं चेतना परिवार ट्रस्ट पानीपत के सहयोग से को खादी आश्रम, पानीपत के सोमभाई हाल में उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस सभा की अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजसेवी दीपचन्द निर्मोही ने की तथा सभा का संचालन शालिनी ने किया। खादी कार्यकर्ताओं ने चर्खा कताई करके सूत्र यज्ञ में भाग लेकर दोनों महान नेताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या भारती माॅडर्न स्कूल के छात्राओं द्वारा प्रस्तुत बापू जी की प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ से हुआ।
इस अवसर पर पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा निर्मल दत्त ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि गांधी जी के द्वारा आजादी के लिए स्वतंत्रता के साथ स्वराज, स्वाभिमान, स्वशासन, स्वदेशी वस्तुऐं एवं स्वदेशी भाषाओं के महत्व पर अधिक जोर दिया गया था। गांधी जी ने जो कहा था वह करके दिखाया भी था। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 2 नवम्बर व 10 दिसम्बर 1947 को साम्प्रदायिक सद्भाव और शरणार्थी भाईयों के रहने व खाने की व्यवस्था सही ढंग से हो सके इसलिए पानीपत दो बार यहां आये थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन का बलिदान केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं किया बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए किया था जिससे कि देश का शासन तंत्र मजबूत हो सके और देश का हर नागरिक उसका केन्द्र बिन्दु हो। देश में ऐसी व्यवस्था हो कि जनतंत्र शासन पर हावी हो, न कि शासन जनता पर।
अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में दीपचन्द निर्मोही ने बोलते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न श्री लाल बहादुर शास्त्री का न केवल जन्म दिवस मनाने एकत्रित हुए हैं बल्कि उन सिद्धान्तों और आदर्शों को स्मरण करने के लिए और अपनी प्रतिबद्धता प्रकट करने के लिए भी एकत्रित हुए हैं जिनके लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2 अक्टूबर को अहिंसा दिवस घोषित किया है और इसलिये सारी दुनिया आज अहिंसा दिवस मना रही है क्योंकि सारी दुनिया ने देख लिया है कि हिंसा का मार्ग विनाश का मार्ग है जिसने दो महायुद्धों को जन्म दिया और इसी कारण से आज दुनिया तीसरे महायुद्ध के कगार पर खड़ी है।
इस अवसर पर खादी आश्रम, पानीपत के प्रबंधक समिति के सचिव मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि शास्त्री जी एक कुशल राजनेता थे जिन्होंने अपने छोटे से शासनकाल के दौरान ही बड़ी उपलब्धियों को हासिल किया। उन्होंने शास्त्री जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन बहुत ही साधारण था परन्तु वे बहुत ही उच्च विचारों के व्यक्ति थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश को एक नई दिशा प्रदान की तथा ‘जय जवान जय किसान’ के नारे से देश में उत्साह भर दिया।
इस अवसर पर राजेश बत्रा, एवन पब्लिक स्कूल, अवनीश कुमार, विश्व भारती विद्या निकेतन स्कूल, मीनाक्षी, प्रिंसिपल, विद्या भारत माॅडर्न स्कूल,ओमप्रकाश, सचिव, करनाल खादी आश्रम, राम प्रकाश कक्कड़, अजीत पाल, जगदीप चन्द एवं अन्य गणमान्य महानुभाव भी उपस्थित रहे। विद्या भारती माॅर्डन स्कूल, एवन पब्लिक स्कूल, विश्व भारती विद्या निकेतन स्कूल एवं अन्य कई स्कूलों के स्टाफ व विद्यार्थियों तथा चेतना परिवार के स्टाफ एवं पानीपत नगर के नागरिकों ने भी भाग लिया।
सभा के अन्त में उपस्थित नागरिकों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों व सिद्धांतों पर चलने, राष्ट्र, समाज और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ भी दिलवाई गई। राष्ट्रगान के साथ सभा विसर्जित की गई।

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