इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत बीसीए और बीएससी फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए एक ऑनलाइन सेशन का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इंटर्नशिप सेल एवं हनीवेल और आईसीटी एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में चलने वाले इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत बीसीए और बीएससी फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए एक ऑनलाइन सेशन का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, प्रोग्रामिंग डेवलपमेंट के बारे में विस्तार से बताया गया । कॉलेज प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने बताया कि यह अनुभव आपके कौशल को आकार देने और आपके ज्ञान को विस्तारित करने में महत्वपूर्ण हैं, जो आपको दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी और यह आपको एक सफल करियर बनाने में मदद करेगा । इंटर्नशिप सेल संयोजिका माधवी ने कहा कि डिजिटल साइबर हमलों में वृद्धि ने साइबर सुरक्षा को महत्वपूर्ण बना दिया है। ऑनलाइन सेशन में आईसीटी अकैडमी की तरफ से मिस चांदना, एम्बेडेड इंजिनियर, हनीवेल ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial intelligence) दुनिया की श्रेष्ठ तकनीकों में से एक है। यह दो शब्दों आर्टिफिशियल और इंटेलिजेंस से मिलकर बनी है। इसका अर्थ है “मानव निर्मित सोच शक्ति। इस तकनीक की सहायता से ऐसा सिस्टम तैयार किया जा सकता है, जो मानव बुद्धिमत्ता यानी इंटेलिजेंस के बराबर होगा। इस तकनीक के माध्यम से अल्गोरिदम सीखने, पहचानने, समस्या-समाधान, भाषा, लॉजिकल रीजनिंग, डिजिटल डेटा प्रोसेसिंग,बायोइंफार्मेटिक्स तथा मशीन बायोलाजी को आसानी से समझा जा सकता है। इसके अलावा यह तकनीक खुद सोचने, समझने और कार्य करने में सक्षम है। Programming Language एक ऐसी भाषा है जिसे कंप्यूटर या किसी अन्य डिवाइस को निर्देश देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह एक मानक निर्देशों (Human Instruction) का सेट होता है जिसे कंप्यूटर समझ सकता है और उसके आधार पर वह कार्यों को निष्पादित कर सकता है। प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हुआ है, जैसे कि गणनाएं करना, डेटा को संसाधित करना, गेम्स और सॉफ्टवेयर विकसित करना, या वेब आधारित एप्लिकेशन का निर्माण करना। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट विभिन्न सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने, बनाने, परीक्षण करने और बनाए रखने की प्रक्रिया है। इसमें कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग और मैथमेटिकल एनालिसिस के विभिन्न सिद्धांतों और तकनीकों का अनुप्रयोग शामिल है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का उद्देश्य सॉफ्टवेयरों को कुशल, विश्वसनीय और उपयोग में आसान बनाना है। सॉफ्टवेयर डेवलपर बनकर नई टेक्नोलॉजी पर काम करना हमें इंटरनेट की दुनिया में काफी आगे ले जाता है। ऑनलाइन सेशन के अंत में प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने हनीवेल और आईसीटी एकेडमी का आभार व्यक्त किया l इस सफल आयोजन में शिखा जुनेजा, डॉ नीतू मनोचा, प्रीति और नॉन टीचिंग से टिंकू, गणेश ने अहम भूमिका निभाई l

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