Thursday, June 4, 2026
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आई.बी.पीजी कॉलेज, पानीपत में सितार पर व्याख्यान सह प्रदर्शन का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at April 9, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी. पीजी कॉलेज, पानीपत में संगीत विभाग द्वारा एक विशेष व्याख्यान सह प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंचकूला से पधारे प्रख्यात सितार वादक डॉ. पंडित हरविंदर शर्मा ने विद्यार्थियों को सितार वादन की बारीकियों से अवगत कराया तथा मनमोहक प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात कॉलेज प्रबंधन समिति से कोषाध्यक्ष रवि गोसाईं , प्राचार्य डॉ सतवीर सिंह, उपप्राचार्या डॉ शशि प्रभा मलिक तथा कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने अतिथि कलाकार को पौधा भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. भगवंत कौर द्वारा किया गया तथा आयोजन सचिव डॉ. मोनिका वर्मा जी रहीं। अपने व्याख्यान में डॉ. पंडित हरविंदर शर्मा ने सितार की संरचना, रागों की विशेषताओं, तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को राग प्रस्तुति की सूक्ष्मताओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। कॉलेज प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष रवि गौसाईं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे उन्हें भारतीय संस्कृति और संगीत की गहराई को समझने का अवसर मिलता है। मैंनेजर आई. बी. एल. एजुकेशननल सोसाइटी युधिष्ठिर मिगलानी ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है तथा उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच प्रदान करते है | आई.बी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ सतवीर सिंह जी ने कहा कि संगीत हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और युवाओं को इससे जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कलाकारों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को इससे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी बताया कि आई.बी. पीजी कॉलेज विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास करते हैं। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. भगवंत कौर जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के भीतर संगीत के प्रति रुचि और समझ को बढ़ाते हैं तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं। आयोजन सचिव डॉ. मोनिका वर्मा ने अपने विस्तृत वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं, क्योंकि इससे उन्हें केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज प्रशासन हमेशा ऐसे रचनात्मक और शैक्षिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देता है, जिससे विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच मिल सके। कार्यक्रम में तबले पर अमन कुमार ने उत्कृष्ट संगत कर कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों में डॉ. किरण मदान, डॉ. नीलम, डॉ. पूनम मदान , डॉ. अर्पणा गर्ग, डॉ. सुनीता ढांडा, डॉ. राजेश, डॉ. प्रवीन, डॉ. गुरनाम, डॉ. पूनम गुप्ता, डॉ. निर्मला, सहायक प्रो. कनक, सहायक प्रो. माधवी, डॉ. नेहा पुनिया, सहायक प्रो. संगीता और राजेश बाला शामिल थे, इनके अलावा प्रख्यात संगीतज्ञ डॉ दिनकर शर्मा व सितारवादक डॉ सुशील कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम को विशेष रूप से सराहा। प्रस्तुति के पश्चात सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया और इस सांगीतिक आयोजन का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. भगवंत कौर ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कलाकारों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और समर्थन से ही यह आयोजन सफल हो सका।

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