कार्यशाला के दूसरे दिन स्टैंसिल पेंटिंग की कला छात्राओं को सिखाई गई.
BOL PANIPAT , 19 अप्रैल. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पीडीलाईट कंपनी द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन स्टैंसिल पेंटिंग की कला का प्रशिक्षण छात्राओं को दिया गया । पीडीलाईट विषय विशेषज्ञ शिव वाणी दिल्ली स्कूल ऑफ़ आर्ट्स ने एक बार फिर छात्राओं को स्टैंसिल पेंटिंग के टिप्स के साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण दिया । इस कार्यशाला में गृह विज्ञान की छात्राओं के साथ-साथ कॉलेज के अन्य संकायों की लगभग 250 छात्राएं हिस्सा ले रही है । कार्यशाला में प्रशिक्षिका शिव वाणी का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और प्रो तन्नू वैद ने किया ।
शिव वाणी ने कहा कि स्टैंसिल पेंटिंग के जादू को हम सभी जानते हैं । इस पेंटिंग का प्रयोग करके हम अपने घर या दफ्तर की दीवारों पर अपनी कलात्मक छाप छोड़ सकते हैं । बाज़ार में उपलब्ध स्टैंसिल पेंटिंग किट की सहायता से हम अपने घर की दीवारों को आसानी से स्वयं मनचाही आकृति से सजा सकते हैं । स्टैंसिल पेंटिंग को दीवारों पर महँगे वॉलपेपर के विकल्प के रूप में प्रयोग किया जा सकता है । इस पेंटिंग को करवाने के बाद दीवारों का रंग आसानी से बदला जा सकता है जबकि वॉलपेपर को दिवार से उतारने में असुविधा का सामना करना पड़ता है । असल में कागज़, लकड़ी, धातु या प्लास्टिक की पतली शीट को कलात्मक डिजाईन के शेप में काटकर स्टैंसिल को तैयार किया जाता है । स्टैंसिल के माध्यम से हम कागज़, फर्नीचर, दीवार एवं कपड़े की सतह पर पेंटिंग कर सकते है । दीवारों पर स्टैंसिल पेंटिंग करने के लिए दीवारों की सतह पर स्टैंसिल को रखकर हाथ से प्रेस करके, स्टैंसिल को दीवार पर टेप से चिपका कर या स्टैंसिल को दीवार पर स्प्रे की सहायता से चिपका सकते है । फिर आकृति बने छिद्रों के अन्दर रंग भरने के बाद स्टैंसिल को हटा लेते है । हटाने के बाद दीवार पर आकृति उभर कर आ जाती है । एक स्टैंसिल को एक हीं क्रम में दोहरा कर बड़े आकार की डिजाईन का रूप भी दिया जा सकता है । इसके अतिरिक्त अनेक आकृति के स्टेंसिल का प्रयोग करके दीवारों पर थीम डिजाईन भी बनाया जा सकता है । दीवारों पर स्टैंसिल पेंटिंग करने के लिए ऐक्रेलिक एवं लेटेक्स पेंट का प्रयोग किया जाता है । ये पेंट्स दीवार की सतह पर जल्दी सूख जाते हैं जिस कारण स्टैंसिल की भीतरी सतह पर फ़ैल कर आकृति खराब होने का खतरा नहीं रहता है । स्टेंसिल पेंटिंग के डिजिटल संस्करण को भी हम विकसित कर सकते है जिसमें डिजिटल डिज़ाइनर के लिए एक अनोखा अवसर रहता है । स्टेंसिल पेंटिंग विभिन्न प्रकार के पेंटिंग प्रोजेक्ट में उपयोगी होती है और इससे हम अपने घर या दफ्तर की दीवारें, फर्नीचर, और कपड़े आदि सजा सकते है । स्टेंसिल पेंटिंग को हम विभिन्न प्रकार की कला परियोजनाओं में लागू कर सकते है जैसे कि फिल्म सेट, थिएटर प्रोडक्शन, या विज्ञापन अभियान । हम स्टेंसिल पेंटिंग को एक व्यवसाय के रूप में शुरू कर सकते हैं और स्टेंसिल और पेंटिंग बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते है । स्टेंसिल पेंटिंग में रोजगार के अवसर बहुमुखी हैं ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि स्टेंसिल पेंटिंग पारंगत व्यक्ति ग्राफिक डिजाइन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है खासकर वॉल आर्ट, टैटू आर्ट या कपड़ों एवं एक्सेसरीज़ को प्रिंट करने में । स्टेंसिल पेंटिंग इलस्ट्रेटर के लिए एक अनूठा तरीका है जिसमें वे कला को एक नया रूप देते है । स्टेंसिल के साथ बनाई गई छवियों को प्रिंट या पोस्टरों के लिए उपयोग किया जाता है । चाहे हम कला के एक विशेष क्षेत्र में रुचि रखते है या एक स्वतंत्र कलाकार बनना चाहते है स्टेंसिल पेंटिंग में एक सफल करियर बनाने की अपार संभावनाएं है ।
प्रो तन्नू वैद ने कहा कि स्टैंसिल पेंटिंग स्टैंसिल पेंटिंग में कई रोजगार के अवसर हैं जैसे कि ग्राफिक डिजाइनर, इलस्ट्रेटर, डिजिटल डिजाइनर, पेंटर, आर्ट डायरेक्टर, आर्ट कंजर्वेटर और मुरलिस्ट पेंटर । कोई भी व्यक्ति पेंटिंग और ड्राइंग में पेशेवर डिग्री प्राप्त कर सकता हैं जिसके बाद हम विभिन्न प्रोफाइल में काम कर सकते हैं । हम एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में भी खुद को स्थापित कर शोहरत और पैसा दोनों कमा सकते है । स्टैंसिल पेंटिंग हमारी भावनाओं और विचारों को भौतिक अभिव्यक्ति प्रदान करती है ।

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