Tuesday, August 18, 2026
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काग़ज़ नहीं-ज़मीन पर उतरे–एमडी

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 23, 2025 Tags: , , , ,

-पानीपत थर्मल में बारीकी से लिया हर विभाग का जायज़ा

-एमडी का ग्राउंड विजिट बना संकेत. पानीपत थर्मल में जल्द जुड़ सकती हैं नई यूनिटें

BOL PANIPAT : 23 जून–हरियाणा पावर जनरेशन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक साकेत कुमार ने कार्यभार संभालने के महज 11 दिन के भीतर ही सोमवार को पानीपत थर्मल पावर स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल बैठकों और फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत को परखने वाले सक्रिय और परिणामोन्मुखी अधिकारी हैं।

उन्होंने एक-एक यूनिट, एक-एक प्रणाली को स्वयं जाकर देखा, परखा और अधिकारियों से सीधे संवाद कर समस्याओं और संभावनाओं की थाह ली। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट संकेत दिया कि पानीपत थर्मल में यूनिट संख्या 9 व 10 की स्थापना की योजना अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर उतारने की दिशा में बढ़ रही है। उनका यह दौरा थर्मल पावर स्टेशन के लिए ऊर्जा, अनुशासन और बदलाव की एक नई लहर लेकर आया है।
एमडी साकेत कुमार थर्मल स्टेशन के फील्ड हास्टल पहुंचे, जहां मुख्य अभियंता सूरजभान व अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ विस्तार से प्रदर्शन की समीक्षा, वित्तीय विवरण और तकनीकी प्रणाली पर चर्चा की। उन्होंने संतुलित बजट, उत्पादन आंकड़े, और आवश्यक सुधारों को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक के बाद उन्होंने फील्ड हास्टल परिसर में पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह प्रतीकात्मक कार्य उनकी ज़मीनी सोच और जागरूकता को दर्शाता है। इसके बाद वे यूनिट संख्या 7 (250 मेगावाट क्षमता) के नियंत्रण कक्ष पहुंचे, जहां अधीक्षण अभियंता एस.के. बजाज से उन्होंने विद्युत उत्पादन की तकनीकी जानकारी प्राप्त की। वे यूनिट नम्बर 6 (210 मेगावाट) पहुंचे और वहां की कार्यप्रणाली को गहराई से समझा। यूनिट संख्या 9 और 10 की साइट पर पहुंचे, जहां उन्होंने वहां पूर्व में लगी 1 से 4 नंबर इकाइयों के स्थान का अवलोकन किया और प्रस्तावित योजना का नक्शा देखा। उन्होंने अधिकारियों से नए निर्माण की प्रक्रिया पर चर्चा की। वे कोयला प्रबंधन संयंत्र (कोल हैंडलिंग प्लांट) पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग आधे घंटे तक रुककर कोयले की आपूर्ति, कोयला उतारने की प्रक्रिया और टिपर प्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।उन्होंने यूनिट 7-8 की साइलो प्रणाली का निरीक्षण किया और वहां पर कोयले के भंडारण व प्रवाह को समझा। वह रॉ वाटर पंप पर पहुंचे, जहां उन्होंने पोंड से मिट्टी हटाने (डी-सिल्टिंग) का कार्य होते देखा।
इसके बाद वह राख झील पहुंचे और राख उठाने की प्रणाली का अवलोकन किया।
फील्ड हास्टल में में एमडी साकेत कुमार ने प्रदेश की विद्युत आवश्यकताओं, थर्मल पावर स्टेशन की चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। उनकी सक्रियता, सरलता और ज़मीनी दृष्टिकोण यह संकेत देता है कि आने वाले समय में हरियाणा की बिजली उत्पादन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ व कुशल बनेगी।

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