एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘रुद्राभिषेक एवं हवन-अनुष्ठान’ का मंगलमयी आयोजन
आधुनिक शिक्षा के साथ युवा में संस्कार वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता: दिनेश गोयल
शिव को जल चढ़ाना आत्मा को अमृत से सींचने जैसा है: डॉ शिव प्रकाश पराशर
आध्यात्म से जुड़ा व्यक्ति सभी के कल्याण की कामना करता है: डॉ शिव प्रकाश पराशर
BOL PANIPAT , 28 जुलाई.
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सत्र 2025-26 में प्रवेश लिए विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त को आयोजित होने वाले ओरिएंटेशन कार्यक्रम से पहले रुद्राभिषेक हवन एवं अनुष्ठान का आयोजन किया गया । श्रावण मॉस के पवित्र महीने में सोमवार के दिन सनातन धर्म संस्था ने इस आयोजन के माध्यम से भगवान् शिव की अराधना कर कॉलेज में पढने वाले अपने हर विद्यार्थी के उज्जवल भविष्य, व्यक्तित्व और कलायन की कामना की गई । एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि) के सचिव नरेश कुमार गोयल, मेम्बर अश्वनी मित्तल, एसडी विद्या मन्दिर हुडा के चेयरमैन सतीश चंद्रा, एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान दिनेश गोयल एवं उनकी धर्मपत्नी सुमिता गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल, एसडी सीनियर स्कूल के मैनेजर फ़क़ीर चंद, ऑडिटर सूरज प्रकाश गुप्ता, एमएएसडी स्कूल के चेयरमैन विनोद कुमार गुप्ता, वाईस-चेयरमैन सुरेन्द्र कुमार, ऑडिटर नीरज कुमार, एसडी विद्या मन्दिर सिटी के वाईस-चेयरमैन अभय सिंगला, ऑडिटर विकुल बिंदल, एसडी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के चेयरमैन आकाश गर्ग, वाईस-चेयरमैन वीरेंद्र बंसल, नवजीवन हॉस्पिटल से डॉ अंकुर गुप्ता, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, समस्त टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्यो तथा नए एवं पुराने विद्यार्थियो ने हवन एवं अनुष्ठान में श्रद्धा से भाग लेकर नए सत्र का आगाज किया । रुद्राभिषेक और हवन की सम्पूर्ण विधि को गंगा धाम मंदिर से पधारे पंडित डॉ शिव प्रकाश पराशर, श्री निरंजन पराशर एवं उनके सहयोगियों विनय गोयल, संदीप गर्ग तथा प्रिंस गोयल ने सम्पूर्ण किया । मंत्रौच्चारण एवं शलोकों के पावन गायन-पाठन ने कॉलेज का माहौल अत्यंत पवित्र एवं ओजस्वी बना दिया. हवन की अग्नी में सभी के कल्याण एवं खुशहाली की कामना की गई और माँ सरस्वती से सभी के जीवन में ज्ञान के प्रकाश का आह्वान किया गया । हवन के पश्चात सभी को प्रसाद स्वरूप लड्डू दिए गये
डॉ शिव प्रकाश पराशर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में रुद्र अभिषेक एक अत्यंत पवित्र वैदिक विधि व धार्मिक परंपरा मानी जाती है । यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं । शिवलिंग को सृष्टि का मूल केंद्र माना गया है । जल, दूध, शहद, दही, घी, गंगाजल और बेलपत्र आदि से शिवलिंग का अभिषेक करने से आत्मशुद्धि, पापों की क्षमा और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है । वेदों और पुराणों के अनुसार अभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं । शिवलिंग पर जल की निरंतर धारा गिराने से एक विशेष प्रकार की ध्वनि और कंपन उत्पन्न होती है जो आसपास के वातावरण को शांत करती है । अभिषेक में प्रयुक्त द्रव्य जैसे दूध, शहद, दही आदि में जीवाणुनाशक गुण होते हैं जो वातावरण को शुद्ध करते हैं । चंदन एवं बेलपत्र में औषधीय गुण होते हैं जो मानसिक तनाव को कम करते हैं । उन्होनें कहा कि शिव को जल चढ़ाना, आत्मा को अमृत से सींचने जैसा है । रुद्राभिषेक शिव को प्रसन्न करने के लिए और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए शक्ति और भक्ति प्राप्ति के लिए सबसे उत्तम विधि है । यह पूजा भौतिक और आध्यात्मिक दोनों क्षेत्र में सफलता प्रदान करती है गंगाजल अर्पित करने से भक्ति और मुक्ति प्राप्त होती है । दही अर्पित करने से घर और श्रेष्ठ वाहन की प्राप्ति होती है । गन्ने का रस अर्पित करने से धन समृद्धि होती है । शहद अर्पित करने से यश की प्राप्ति होती है । शुद्ध जल अर्पित करने से उत्तम संतान का सुख प्राप्त होता है एवं दूध अर्पित करने से रोग ऋण एवं शत्रु से मुक्ति प्राप्ति होती है ।
दिनेश गोयल प्रधान ने कहा की शिक्षा-दीक्षा से पावन कोई कार्य नहीं है । एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर छात्र-छात्रा के लिए निरंतर चिंतनशील है कि उन्हे हर क्षेत्र में अच्छी से अच्छी शिक्षा एवं मार्गदर्शन मिले । शुभ आगाज हमेशा हम सभी में एक नई चेतना एवं प्राण फूंकता है । एसडी कॉलेज ने सैदेव शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए है और उन्हे पूर्ण विश्वास है कि यह सिलसिला यूं ही बरकरार रहेगा । उन्होनें नए सत्र के शुभारंभ पर सभी को बधाई दी और पूरे जूनून से काम करने का आह्वान किया ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि एसडी पीजी कॉलेज की हरियाणा में एक अलग पहचान है । गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा देना, सामाजिक समरसता का भाव हर विद्यार्थी में पैदा करना, संस्कारों को उनमे कूट-कूट कर भरना, व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास को प्राप्त करना आदि कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने के भिन्न आयाम है । कॉलेज सिर्फ पढे-लिखे और कामयाब युवा ही समाज एवं देश को नहीं देता बल्कि सही मायनों में पूर्ण विकसित एवं संस्कारी नागरिक भी देश को प्रदान करता है । एसडी संस्था का उद्देश्य भी यही है और इसीलिए हर नए सत्र की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ की जाती है जो शिक्षा का ही एक अटूट हिस्सा है । मूल्य-विहीन ज्ञान एवं शिक्षा को ग्रहण करने का कोई औचित्य नहीं है इसीलिए कॉलेज नैतिक समावेश के तहत अपने विद्यार्थीयो को शिक्षा प्रदान करता है ।
इस अवसर पर कॉलेज के टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्य हवन के दौरान मौजूद रहे जिनमे डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ राकेश गर्ग, दीपक मित्तल आदि शामिल रहे । हवन उपरांत सभी को प्रसाद स्वरूप लड्डू एवं फल वितरित किए गए ।

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