Thursday, June 4, 2026
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पराली जलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा: उपायुक्त डॉ.  विरेन्द्र कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 14, 2025 Tags: , , , , ,

-पराली प्रबंधन अपनाएं, जिले को प्रदूषण मुक्त बनाएं

BOL PANIPAT , 14 अक्टूबर। उपायुक्त डॉ. विरेन्द्र कुमार दहिया ने किसानों से पराली न जलाने की अपील करते हुए कहा है कि यह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि पर्यावरण और आम जनजीवन के लिए भी बेहद खतरनाक है। पराली जलाने से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है जिससे सांस लेना दूभर हो जाता है और खाँसी, दमा, एलर्जी जैसी बीमारियाँ फैलती हैं।
    डॉ. दहिया ने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आती है, जिससे खेत की उत्पादन क्षमता भी घट जाती है। इसके अलावा, आग लगने की घटनाएँ भी बढ़ जाती हैं, जिससे आसपास की फसलें, घर और वन क्षेत्र भी चपेट में आ सकते हैं।
    उपायुक्त ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे पराली जलाने की बजाय वैकल्पिक पराली प्रबंधन तकनीकों को अपनाएं और हरियाणा सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। किसान ज्यादा जानकारी और सहयोग के लिए टोल फ्री नंबर: 1800-180-2117 व किसान एवं कृषि कल्याण विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।

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