एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर-कॉलेज बॉक्सिंग और कराटे चैंपियनशिप में झटके 9 पदक
नारी सशक्तिकरण और आत्म रक्षा में कारगर है कराटे का प्रशिक्षण: दिनेश गोयल
समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और मेहनत की मिसाल है ये विजेता खिलाड़ी: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 21 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन के बल पर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र इंटर-कॉलेज बॉक्सिंग प्रतियोगिता में चार कांस्य और कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की इंटर कॉलेज कराटे चैंपियनशिप में दो स्वर्ण और तीन कांस्य पदक पर कब्ज़ा कर तहलका मचा दिया । 60 किलोग्राम भारवर्ग में नितिन, 65 किलोग्राम भारवर्ग में निशांत, 75 किलोग्राम भारवर्ग में रितेश और 90 किलोग्राम भारवर्ग में प्रशांत ने कांस्य पदक हासिल किये ।
इसी तरह कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की इंटर कॉलेज कराटे चैंपियनशिप में 60 किलोग्राम भारवर्ग में विशाल ने कांस्य, 67 किलोग्राम भारवर्ग सचिन ने स्वर्ण, 84 किलोग्राम भारवर्ग में लकी ने कांस्य, 84 किलोग्राम भारवर्ग में दीपांशु ने स्वर्ण और 68 किलोग्राम भारवर्ग में साक्षी ने कांस्य पदक हासिल किये । विजेता खिलाडियों नितिन, निशांत, रितेश, प्रशांत, विशाल, सचिन, लकी, दीपांशु और साक्षी का भव्य स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ सुशीला बेनीवाल, कोच अंकुश मलिक, प्रो नीलम और अन्य स्टाफ सदस्यों ने किया । सभी विजेता खिलाड़ियों की भरपूर प्रशंसा की गई ।
एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने नितिन, निशांत, रितेश, प्रशांत, विशाल, सचिन, लकी, दीपांशु और साक्षी की तारीफ़ करते हुए कहा कि आज के समय में बॉक्सिंग और कराटे काफी लोकप्रिय खेल है । खेल हम सभी के जीवन में, विशेष रुप से नौजवानों और विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । कॉलेज के खिलाड़ियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय और इंटर कॉलेज में शानदार खेल पेश करके मैडलस जीत कर हर खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा पेश की है । हमें भी कम से कम कुछ समय खेलों में सक्रिय होने के लिए अवश्य निकालना चाहिए । उन्होनें खेलों में उज्जवल भविष्य की संभावनाओं को लेकर विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ये सभी खिलाड़ी समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और मेहनत की मिसाल है । ये गुण किसी भी खिलाड़ी के लिए उपलब्धि को प्राप्त करने के मूल मन्त्र है । इन सभी खिलाड़ियों को भविष्य में भी आगे बढ़ने के समुचित अवसर और सुविधाएं कॉलेज द्वारा दी जायेगी ।
विभागाध्य्क्षा डॉ सुशीला बेनीवाल ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया । उन्होनें कहा कि युवा खिलाडियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा होता है और ऐसे में हर युवा का फ़र्ज़ बनता है कि वे भी इन विजेताओं की तरह लगन के साथ लक्ष्य प्राप्त करे । बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) एक मार्शल आर्ट और कॉम्बैट स्पोर्ट है जिसमें दो खिलाड़ी दस्ताने (ग्लव्स) पहनकर रिंग के अंदर केवल मुक्कों से एक-दूसरे के सिर या शरीर (कमर से ऊपर) पर प्रहार करते हैं । यह एक रणनीतिक खेल है जो 3 मिनट के राउंड्स में खेला जाता है जिसमें फुर्ती, ताकत और रक्षात्मक तकनीक का इस्तेमाल होता है ।

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