Wednesday, June 17, 2026
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पशुपालन क्षेत्र में हरियाणा की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर मंथन, पानीपत में आयोजित हुआ पशुधन संवर्धन सम्मेलन

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 17, 2026 Tags: , , , ,

सरकारी योजनाओं से सशक्त हो रहे पशुपालक, विभागीय अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी

दूध उत्पादन से आय बढ़ाने तक की योजनाओं पर हुआ संवाद, बड़ी संख्या में जुटे पशुपालक

स्वस्थ पशुधन-समृद्ध किसान के संकल्प को मिला बल, पशुपालन विभाग ने गिनाई उपलब्धियां

BOL PANIPAT , 17 जून। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा द्वारा विभाग की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों एवं पशुपालकों के कल्याणार्थ संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से बुधवार को प्रशिक्षण हॉल, कार्यालय उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पानीपत में “पशुधन संवर्धन सम्मेलन” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लेकर विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं पशुपालन क्षेत्र में उपलब्ध नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. संजय आंतिल ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा पशुपालन को कृषि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। पिछले 12 वर्षों में पशुधन संरक्षण, नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन वृद्धि, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ लाखों पशुपालकों तक पहुंचा है।
डॉ. संजय आंतिल ने बताया कि विभाग द्वारा पशुओं के लिए निःशुल्क टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं, पशु बीमा, दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन तथा उन्नत नस्लों के संवर्धन जैसे कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
सम्मेलन में एसडीओ डॉ. श्री भगवान ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग की योजनाओं के माध्यम से पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादकता और गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने पशुपालकों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पशुपालकों की समस्याएं भी सुनीं तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव दिए। पशुपालकों ने पशु स्वास्थ्य, चारे की उपलब्धता, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा विभागीय सुविधाओं से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. अशोक लोहान, डॉ. माणिक सहित मोबाइल पशु चिकित्सा वैन के चिकित्सक भी उपस्थित रहे। उन्होंने पशुपालकों को पशुओं में होने वाली सामान्य बीमारियों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण, संतुलित आहार तथा वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों के बारे में जानकारी दी।
सम्मेलन में उपस्थित पशुपालकों ने विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें नवीन जानकारियों से अवगत कराने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम का समापन पशुपालकों से पशुधन विकास एवं पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील के साथ हुआ। सम्मेलन ने “स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान” के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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