नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को करता है प्रभावित: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
नशामुक्त भारत के लिए उठे मजबूत कदम, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिलाई शपथ
नशे के खिलाफ प्रशासन का संकल्प, युवा शक्ति बनेगी बदलाव की आधारशिला
नशे को जड़ से मिटाने का अभियान तेज, समाज को जागरूक करने का लिया प्रण
स्वस्थ युवा, सशक्त भारत का संकल्प: जिला प्रशासन ने लिया नशामुक्ति का वचन
BOL PANIPAT , 18 जून। नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जनजागरण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नशामुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिला सचिवालय सभागार में विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शपथ दिलाते हुए समाज को नशे से मुक्त बनाने का संकल्प कराया।
शपथ में अधिकारियों ने यह प्रण लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार, मित्रों, समुदाय तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे और उन्हें नशे की लत से दूर रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। शपथ के दौरान यह संदेश दिया गया कि किसी भी परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत से युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता है, सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ता है और अपराध जैसी समस्याओं को भी बढ़ावा मिलता है।
उपायुक्त ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और ऊर्जा होते हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में लगाएं तो देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित नशामुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
डॉ. वशिष्ठ ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विभागों में जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दें तथा स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाएं। उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने, उन्हें खेलों एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे तथा परिवारों को जागरूक बनाने से नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकता है। इसलिए सभी नागरिकों को मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा समाज को नशे की बुराई से मुक्त कराने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया।
इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे,पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, एसडीएम मनदीप कुमार, सीईओ डॉ किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, जिला कल्याण अधिकारी जयपान हुड्डा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीआरओ कंलब लाकड़ा, डीएसपी सतीश वत्स डीएचओ संदीप के अलावा विभिन्न विभागों से अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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