डिजिटल अरेस्ट से डरें नहीं. तुरंत 1930 पर करें शिकायत. साइबर ठगों के झांसे में आने से बचें.
डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं, लोगों को जागरूक रहने की जरूरत : एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस
BOL PANIPAT , 22 जून : साइबर अपराधी लोगों को डर और भ्रम में डालकर ठगी करने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन्हीं तरीकों में से एक है तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’, जिसके जरिए अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को मानसिक रूप से परेशान करते हैं और उनसे मोटी रकम ऐंठने का प्रयास करते हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम का कोई शब्द या कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यदि कोई व्यक्ति इस नाम पर डराने या धमकाने की कोशिश करता है तो उसकी बातों में आने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर लोगों को फोन कर उनके बेटे, बेटी या अन्य परिजनों का नाम लेकर घबराने की स्थिति पैदा करते हैं। कभी कहा जाता है कि आपका परिजन किसी आपराधिक गतिविधि या नशा तस्करी के मामले में पकड़ा गया है, तो कभी विदेश से आए पार्सल में प्रतिबंधित सामग्री मिलने की झूठी कहानी सुनाई जाती है। इसके बाद ठग खुद को किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और पीड़ित को गिरफ्तारी, जेल या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाते हैं।
उन्होंने बताया कि अपराधी वीडियो कॉल के दौरान अपने पीछे पुलिस स्टेशन, कंट्रोल रूम या सरकारी कार्यालय जैसा माहौल दिखाकर भरोसा जीतने का प्रयास करते हैं। इसके बाद पीड़ित को यह कहकर घंटों तक कॉल पर रोके रखते हैं कि वह निगरानी में है और किसी से संपर्क नहीं कर सकता। डर और दबाव की स्थिति में लाकर आरोपी मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पैसे मांगते हैं और लोग उनकी ठगी का शिकार हो जाते हैं।
पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल, ब्लैकमेलिंग या डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिलने पर घबराएं नहीं, बल्कि अपने परिजनों से संपर्क कर तथ्य की पुष्टि करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि सतर्कता, जागरूकता और समय पर शिकायत ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है। इस प्रकार की वारदातों से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। फोन पर कोई अपने आप को पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, सीबीआई विभाग, आरबीआई और ईडी इत्यादि का अधिकारी बताकर इस तरह ब्लैकमेल, जबरन वसूली या डिजिटल अरेस्ट इत्यादि की धमकी देता है तो उनसे डरे नहीं तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

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