Tuesday, September 1, 2026
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ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता, अधिकारी पूरी गंभीरता से करें कार्य: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 1, 2026 Tags: , , , ,

विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं, समयबद्ध पूरा हों सभी कार्य

गांवों के विकास को रफ्तार देने के लिए उपायुक्त ने कसी अधिकारियों की लगाम

शिवधाम, पार्क – योगशाला, फिरनी, तालाब, स्ट्रीट लाइट समेत 9 बिंदुओं पर हुई गहन समीक्षा

BOL PANIPAT, 1 सितंबर। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और गांवों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में खंड पानीपत की चयनित 22 ग्राम पंचायतों में नौ प्रमुख विषयों को लेकर चल रहे एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को  निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरे किए जाएं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिन में गांव में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा एसडीएम करेंगे और रिपोर्ट देंगे। महीने में एक बार वो स्वयं प्रगति को लेकर अधिकारियों की बैठक  लेंगे। बैठक में ग्राम सचिवालय, पार्क एवं योगशाला, शिवधाम व रास्ते, फिरनी की सडक़ एवं नाले, स्कूलों की स्थिति, स्ट्रीट लाइट, तालाब, सीवरेज तथा लाइब्रेरी से संबंधित विकास कार्यों की स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई।    

उपायुक्त डॉ. हरीश ने  अधिकारियों से इन कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा मौके पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांवों में शहरों जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि शिवधाम, व्यायामशाला, पार्क, फिरनी, सडक़, नाले, तालाब, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, स्कूल और लाइब्रेरी जैसे कार्य सीधे तौर पर ग्रामीणों के जीवन से जुड़े हैं। इसलिए इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गति दी जाए। प्रत्येक निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डॉ. वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर प्रगति रिपोर्ट तैयार करें। उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर ग्रामीणों को सुविधाओं का लाभ दिया जा सके। बैठक में पहुंचे सरपंचों और ग्राम सचिवों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और मौके की वस्तुस्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया। अधिकारियों ने भी विभिन्न कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी दी।

    उपायुक्त ने कहा कि गांवों का मजबूत बुनियादी ढांचा ही ग्रामीण विकास की आधारशिला है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक गांव में आवश्यक सुविधाएं बेहतर हों और ग्रामीणों को किसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण सिंह, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, सरपंच और ग्राम सचिव मौजूद रहे।

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