युवाओं के सामने अवसरों की नहीं है कमी : डॉ. कटारिया
हरियाणा युवा उद्यमी यात्रा पाइट पहुंची, युवाओं को स्वरोजगार और स्किल पर फोकस का संदेश
BOL PANIPAT : समालखा , हरियाणा युवा उद्यमी यात्रा शुक्रवार को पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी (पाइट) में पहुंची। कार्यक्रम में युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, माइक्रो एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।
हरियाणा युवा उद्यमी यात्रा 21 अगस्त को गुरुग्राम से शुरू हुई थी। सीएम नायब सिंह सैनी ने इस यात्रा को रवाना किया था। यह अभियान हरियाणा के विभिन्न जिलों के शिक्षण संस्थानों तक पहुंच रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को स्किल डेवलपमेंट, रोजगार, उद्यमिता, स्टार्टअप, मार्गदर्शन और उपलब्ध अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सलाहकार डॉ. कृष्ण कुमार कटारिया ने कहा कि आज युवाओं के सामने अवसरों की कमी नहीं है, जरूरत सही दिशा और कौशल विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने की मानसिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
एनएसडीसी के डिप्टी जीएम अनुपम कुमार ने युवाओं से कहा कि केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। बदलते रोजगार बाजार में उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार स्किल की पहचान करें और उसे लगातार बेहतर बनाएं।
एवीपीएल इंटरनेशनल की एमडी डॉ. प्रीत संधु ने कहा कि इंडस्ट्री और इंस्टीट्यूट के बीच गैप जितनी जल्दी कम होगा, उतना अधिक विकास होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में शिक्षण संस्थानों और उद्योगों दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्यमी डॉ. नवीन नैन भालसी ने युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी आइडिया को व्यवसाय में बदलने के लिए केवल पूंजी ही नहीं, बल्कि सही कौशल, मार्गदर्शन, नेटवर्क और लगातार सीखने की जरूरत होती है। साइबर सिक्योरिटी विभाग की अध्यक्ष डॉ.शक्ति अरोड़ा ने स्टार्टअप के बारे में जागरूक किया। डीआइसी से साहिल, विकास, दीपक ग्रेवाल, एचडीएम से परमजीत दहिया ने भी प्रेरित किया। छात्रा-छात्राओं के सवालों के जवाब दिए। पाइट के सचिव सुरेश तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल, निदेशक डॉ. शक्ति कुमार, डीन डॉ.बीबी शर्मा ने भी प्रेरित किया।
यात्रा के प्रमुख उद्देश्य
युवाओं को विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों जैसे ड्रोन टेक्नॉलोजी, एआइ, रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। विदेश में रोजगार करने के इच्छुक युवाओं को मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं। माइक्रो इंटरप्रन्योरशिप मूवमेंट को मजबूत किया जाना है। युवाओं को नौकरी तलाशने वाले की जगह, नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कोई युवा आइडिया, उत्पाद, स्टार्टअप पर काम कर रहा है तो उसे अवसर उपलब्ध कराना ।

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