Monday, May 18, 2026
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नौकरी लगवाने के नाम पर 30 लाख रूपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने मामले में दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at May 9, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 09 मई : थाना इसराना पुलिस ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर परढ़ाना गांव निवासी तीन युवकों से 30 लाख रूपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को शुक्रवार शाम को रोहतक के अटायल गांव से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान अटायल निवासी सुरेंद्र के रूप में हुई है।

थाना इसराना प्रभारी इंस्पेक्टर हरिराम ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुकी अपनी पत्नी आरोपी ममता और फरार एक अन्य साथी आरोपी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी सुरेंद्र से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही फरार आरोपी के ठीकानों का पता लगा काबू करने और ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी।

यह है मामला:
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परढाना गांव निवासी नवीन पुत्र सतबीर ने जून 2024 में शिकायत देकर बताया था कि रोहतक के दोअब गांव निवासी सुनील ने उसको नौकरी लगवाने की बात कहकर बवाना दिल्ली निवासी ममता पत्नी सुरेंद्र मलिक से मिलवाया था। महिला ने अपने आप को हाईकोर्ट का जज बताया था। ममता ने उसको कृषि भवन में व मोनू को निर्माण भवन में और संजीत को ग्रुप डी में लगवाने की बात कहते हुए आधे पैसे पहले और आधे आईडी कार्ड मिलने के बाद देने की बात कही तो, उन्होंने इसके लिए हां कर दी थी। अक्तूबर 2019 में उन तीनों से 5-5 लाख रूपए ले लिए। नवंबर 2019 में उसको और मोनू को ज्वाइनिंग लेटर देकर कहा आगे के काम के लिए कुछ और पैसे देने होगे। दिसंबर 2019 में उनसे 3 लाख रूपए कैश, 1 लाख रूपए खाते में ट्रांसफर और 50 हजार रूपए गूगल पे करवा ले लिए। जनवरी 2020 में उसको और मोनू को आईडी कार्ड दे दिया और संजीत का बाद में देने की बात कही। ममता और सुरेंद्र मलिक कार से इसराना आए और उनसे बचे 5 लाख 44 हजार रूपए कैश ले गए। इसके बाद वे आईडी कार्ड लेकर निर्माण भवन और कृषि भवन में गए, वहा आईडी कार्ड दिखाया तो फर्जी निकला।
वह ममता के घर गए और अपने पैसे वापिस मांगे तो उसने काम पक्का होने का आश्वासन दिया। इसके बाद उनसे और 5 लाख रूपए ले लिए। मार्च 2020 में संजीत को भी ग्रुप डी का लेटर दे दिया। वह भी दिखाने पर फर्जी निकला। थाना इसराना में नवीन की शिकायत पर आईपीसी की धारा 406, 420 के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

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