विदेश भेजने के नाम पर 30 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने का आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT , 08 जून : सीआईए वन पुलिस टीम ने दो युवकों को विदेश भेजने के नाम पर 30 लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के एक आरोपी को रविवार को सोनीपत के खरखौदा से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान गांव चिमनी झज्जर हाल खरखौदा निवासी अनिल के रूप में हुई है।
सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फुल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले में नामजद आरोपी अपने बेटे जतिन के साथ मिलकर विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस आरोपी अनिल को सोमवार को माननीय न्यायायल में पेश किया जहा से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से वारदात में शामिल फरार आरोपी इसके बेटे जतिन को काबू करने व ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी।
यह है मामला:
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बिशन स्वरूप कॉलोनी निवासी सौरभ पुत्र वेदपाल ने शिकायत देकर बताया था कि वह सुखदेव नगर में ईटरनल वर्ल्ड इमिग्रेशन नाम से आईलेट्स और पीटीई की कोचिंग का इंस्टिट्यूट चलाता है। इंस्टिट्यूट पर उसके पास झज्जर के चिमनी गांव निवासी अनिल पुत्र विरेंद्र तथा जतिन पुत्र अनिल का आना जाना था। दोनों उसको कहते थे कि वे हायरिंगस्टर हब प्राइवेट निमिटेड नाम से बच्चों को विदेश भेजने का काम करते है, और काफी बच्चों को विदेश भेज चुके है। वे दोनों बार बार कहते थे कि आपके इंस्टिटूयट का जो कोई बच्चा विदेश जाने का इच्छुक हो उससे मिलवा दो। उन्होंने विश्वास दिलाया की बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का विश्वासघात और धोखाधड़ी नहीं होगी।
उसके दोस्त सुभाष के परिचित कुरूक्षेत्र के गांव रामशरण माजरा निवासी रजत व अंबाला के फतेहगढ़ गांव निवासी जसंविंद्र विदेश जाने के इच्छुक थे। दोनों उसी के इंस्टिटयूट पर आईलेटस व पीटीई की कोचिंग ले रहे थे। दोनों स्टूडेंट के अनुरोध पर मार्च 2024 में उसने अपने कार्यालय में अनिल व जतिन से उनकी मिटींग करवा दी। मिटिंग में दोनों बच्चों को 30 लाख रूपए में क्रोएशिया भेजने की बात तय हुई। इसके बाद दोनों बच्चों के पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, मार्कशीट व फोटो लेकर कई दस्तावेज पर साईन करवा लिए। जसविंदर को अपॉइंटमेंट के लिए 5 जून 2024 को दिल्ली एंबेसी बुलाया गया तथा पैसे साथ लाने के लिए कहा गया। अनिल व जतिन ने उसी दिन जसविंदर के दादा बलदेव सिंह से 5 लाख 50 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से अपनी फर्म के खाते में ट्रांसफर करवा लिए तथा दिल्ली एंबेसी के बाहर 8 लाख 37 हजार 600 रुपये नकद ले लिए। पैसे लेने के बाद जसविंदर की अपॉइंटमेंट करवाई तथा फिंगर प्रिंट लिए। इसके बाद 16 दिसंबर 2024 को मुंबई एंबेसी में अपॉइंटमेंट करवाई गई और जल्द ही क्रोएशिया का वीजा आने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान अनिल व जतिन ने अलग-अलग बैंक खातों में 16 लाख 12 हजार 400 रुपये और ट्रांसफर करवा ले लिए।
दिसंबर 2024 में आरोपियों ने बताया कि दोनों स्टूडेंट का वीजा रिजेक्ट हो गया है तथा दोबारा नए सिरे से वीजा प्रक्रिया करने का आश्वासन दिया। जब दोनों स्टूडेंट का वीजा नहीं लगा तो उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे और दस्तावेज वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने उन्हें पैसे भूल जाने की धमकी दी तथा पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। दोनों आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर उनसे 30 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर ली। मामलें की प्रारंभिक जांच के बाद 1 अप्रैल 2026 को थाना शहर में सौरभ की शिकायत पर अभियोग दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी।

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