माता सीता रानी सेवा संस्था द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : माता सीता रानी सेवा संस्था द्वारा संचालित परिवार परामर्श केंद्र, पानीपत द्वारा नूरवाला, नगर, वार्ड नंबर 2 में महिलाओं को केंद्र की कार्यप्रणाली से अवगत कराने और परामर्श का महत्व से अवगत कराने के लिए एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
केंद्र की परामर्शदात्री सुनीता द्वारा केंद्र की कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए बताया गया कि सन 2001 से पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पानीपत में यह परिवार परामर्श केंद्र चलाया जा रहा है। जहाँ पर केंद्र के अनुभवी परामर्शदाताओं द्वारा समस्या को सुना व समझा जाता है ।तत्पश्चात अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हुए परामर्श द्वारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति का प्रयास किया जाता है । शिकायतकर्ता स्त्री-पुरुष कोई भी हो सकता है । प्रथम पक्ष से प्रार्थनापत्र लेने के पश्चात द्वितीय पक्ष को नोटिस जारी कर बातचीत के लिए केंद्र में बुलाया जाता है। दोनों पक्षों की आवश्यकतानुसार बैठकें आयोजित की जाती हैं और उनके परिजनों से भी बात की जाती है। सहमति पश्चात जब दोनों पक्षों का घर पुनः बस जाता है तो फॉलो -अप के लिए उन्हें 15- 15 दिनों के अंतराल पर केंद्र में बुलाया जाता है। केंद्र में विभिन्न प्रकार की शिकायतें आती हैं जैसे- शराब के कारण प्रताड़ना, वैचारिक व व्यक्तित्व मतभेद, ससुराल पक्ष का दखल, आर्थिक तंगी, अन्येतर वैवाहिक संबंध, तनाव, घरेलू हिंसा व अन्य कई कारण भी शामिल रहते हैं । अगर किसी कारणवश दोनों पक्षों की आपसी सहमति न बन पाए तो उन्हें उचित कानूनी जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाती है।
केंद्र की परामर्शदात्री रेहाना खान ने परामर्श के महत्व पर बात करते हुए बताया कि आज की भाग- दौड़ की जिंदगी में सबको बहुत सी समस्याओं सामना करना पड़ता है जिससे वे तनावग्रस्त हो जाते हैं। लेकिन किसी के पास भी एक दूसरे की बात सुनने का, एक दूसरे की समस्याओं को समझने का समय नहीं होता। ऐसी स्थिति में परामर्शदाता हमारी मदद कर सकते है। पर हम सब परामर्शदाता और परामर्श इन सब के बारे में अभी भी अधिक जागरूक नहीं है। परामर्शदाता वे होते हैं जो समस्याओं से निपटने के लिए दूसरों को परामर्श देते हैं और इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाता है। परामर्शदाता के परामर्श से लोगों को जीवन की घटनाओं का सामना करने में मदद मिलती है और अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार को भी समझने में मदद मिलती है। इससे लोगों के व्यक्तिगत, सामाजिक भावनात्मक, शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलता है और उनका आत्मसम्मान मजबूत होता है । परामर्श से लोगों के व्यवहार में भी बदलाव आता है और उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। इससे लोगों को नए सिरे से जीवन की शुरुआत करने में भी मदद मिलती है। इसलिए किसी भी समस्या के समाधान के लिए परामर्शदाताओं की मदद जरूर लेनी चाहिए।
उपस्थित महिलाओं को आंगनवाड़ी वर्कर सुनीता द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर आंगनवाड मीनू, कुलदीप, नीलम, रीना, कमलेश, श्यामो, उर्मिला, रेखा, कौशल्या, रितिका, बबली, सुनीता, ममता और काजल और गीता उपस्थित रहीं।

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