पाइट में अटल एफडीपी, विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षा व इंडस्ट्री के तालमेल पर की चर्चा
-थ्रीडी प्रिंटेड कंपोजिट्स से रक्षा से रोबोटिक्स तक क्रांतिकारी बदलाव आ रहे
BOL PANIPAT : समालखा – थ्रीडी प्रिंटेड कंपोजिट्स से रक्षा से रोबोटिक्स तक क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं। यह इंजीनियरिंग, रिसर्च और इंडस्ट्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण और उभरता हुआ क्षेत्र है। यह बात देश के विशेषज्ञों ने कही। पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पाइट) में एआइसीटीई की ओर से अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) किया गया। इसमें थ्रीडी प्रिंटेड कंपोजिट्स: सामग्री, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोग पर छह दिवसीय एफडीपी संपन्न हुई।
डीआइटी यूनिवर्सिटी, देहरादून के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. आनंद ने थ्रीडी प्रिंटेड कंपोजिट्स की मूल अवधारणा, मटेरियल इंटरफेस और आधुनिक इंजीनियरिंग में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। थापर यूनिवर्सिटी के डॉ. सतीश शर्मा ने कंपोजिट फैब्रिकेशन और एडवांस्ड एडिटिव प्रोसेस पर व्याख्यान दिया। सीएसआइआर चंडीगढ़ से विज्ञानी डॉ. विजय कुमार मीणा ने मेटल थ्रीडी प्रिंटिंग पर अपनी बात रखी। शेन आलम व शेपटेक सॉल्यूशन से अनुराग गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। एफडीपी प्रतिभागियों ने दिल्ली स्थित जीजीएसआइपीयू ईस्ट कैंपस में इंडस्ट्रियल दौरा भी किया। निदेशक डॉ.शक्ति कुमार, बोर्ड सदस्य शुभम तायल, डीन डॉ.बीबी शर्मा, डॉ.देवेंद्र मोहन, डॉ. विनय खत्री, डॉ.सुनील ढुल, डॉ.अंजू गांधी, समन्वयक डॉ. विनोद कुमारी, इंजीनियर पुनीत कुमार सैनी भी मौजूद रहे।

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