आर्य पीजी कॉलेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
BOL PANIPAT – गुरुवार 10 सितंबर 2026 : आर्य पीजी कॉलेज में गुरुवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन तथा आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के रेड रिबन क्लब के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में जिला नागरिक अस्पताल, पानीपत से मुख्य वक्ता के रूप में साइकोलॉजिस्ट रवि कुमार ने शिरकत की और विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता तथा उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के प्रभारी एवं रेड रिबन क्लब के इंचार्ज प्रो. उमेद ने कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा कि आर्य पीजी कॉलेज विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास और उनके मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य को लेकर भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मानसिक स्वास्थ्य का विशेष महत्व है और स्वस्थ मन ही व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने में सक्षम बनाता है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में समय-समय पर स्वास्थ्य, नशा मुक्ति, रक्तदान, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता तथा युवा कल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी को अपने तक सीमित न रखें और जरूरत पड़ने पर अपने शिक्षकों एवं विशेषज्ञों से सहायता लें।
महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक वातावरण का भी विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या रोकथाम के लिए केवल एक दिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में पूरे वर्ष मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी परेशानियों को साझा करने, एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और जरूरतमंद साथी का सहयोग करने का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता साइकोलॉजिस्ट रवि कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में विद्यार्थी पढ़ाई, करियर, पारिवारिक अपेक्षाओं, रिश्तों तथा भविष्य को लेकर तनाव महसूस कर सकते हैं। ऐसे समय में अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय परिवार, मित्रों, शिक्षकों अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बातचीत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियां अस्थायी होती हैं और सही समय पर मिला भावनात्मक सहयोग एवं विशेषज्ञों की मदद किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति लगातार उदास, अकेला या निराश दिखाई दे अथवा उसके व्यवहार में अचानक बदलाव नजर आए तो उसे नजरअंदाज न करें, बल्कि उससे बातचीत करें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम प्रभारी एवं रेड रिबन क्लब के इंचार्ज प्रो. उमेद ने कहा कि रेड रिबन क्लब का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि कॉलेज भविष्य में भी विद्यार्थियों के हित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य वक्ता रवि कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के साथ विद्यार्थियों का सीधा संवाद उन्हें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को समझने और सही जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं भी मुख्य वक्ता के समक्ष रखीं, जिनका साइकोलॉजिस्ट रवि कुमार ने विस्तार से समाधान किया।
इस अवसर पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय, प्राध्यापक माणिक गुप्ता, अमित कुमार सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

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