रिज्यूम हो प्रभावी, संवाद हो बेहतर, आत्मविश्वास से दें साक्षात्कार: डॉ. धर्माधिकारी
समूह चर्चा से साक्षात्कार तक, विद्यार्थियों को रोजगार की तैयारी के दिए गुर
व्यक्तित्व विकास के साथ रोजगारपरक कौशल जरूरी, विद्यार्थियों को दिए व्यावहारिक सुझाव
सफल करियर की राह में कौशल, आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद की अहम भूमिका
BOL PANIPAT , 10 सितंबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में वीरवार को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक कौशलों को निखारने के उद्देश्य से समूह चर्चा, साक्षात्कार कौशल एवं रिज्यूम लेखन विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कला, वाणिज्य एवं विज्ञान विभागों के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के वरिष्ठतम संकाय सदस्य डॉ. नरसिंह के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुयोग धर्माधिकारी ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाणिज्य विभाग की डॉ. दीप्ति गाबा द्वारा मुख्य वक्ता का स्वागत एवं मंच संचालन करते हुए किया गया।
डॉ. सुयोग धर्माधिकारी ने समूह चर्चा, रिज्यूम लेखन एवं साक्षात्कार कौशल की वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि समूह चर्चा के दौरान स्पष्ट एवं तार्किक ढंग से अपनी बात रखना, दूसरों को ध्यानपूर्वक सुनना, विषय की समझ, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा समय प्रबंधन जैसे कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समूह चर्चा के दौरान विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियों से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए।
रिज्यूम लेखन के संबंध में डॉ. धर्माधिकारी ने विद्यार्थियों को बताया कि एक प्रभावी रिज्यूम में केवल शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उम्मीदवार के कौशल, उपलब्धियों एवं अनुभव को भी स्पष्ट एवं व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि प्रतिस्पर्धात्मक दौर में नियोक्ता उम्मीदवार के रिज्यूम में किन प्रमुख बातों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि रिज्यूम ऐसा होना चाहिए, जिससे उम्मीदवार की योग्यता और उसकी क्षमता की स्पष्ट झलक मिले।
साक्षात्कार कौशल पर चर्चा करते हुए डॉ. धर्माधिकारी ने उचित तैयारी, आत्मविश्वास, प्रभावी संचार, शारीरिक हाव-भाव एवं सकारात्मक व्यक्तित्व के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियों की जानकारी देते हुए उनसे बचने के उपयोगी सुझाव भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि साक्षात्कार में केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थी का आत्मविश्वास, व्यवहार, संवाद करने का तरीका और सकारात्मक दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने समूह चर्चा, रिज्यूम लेखन एवं साक्षात्कार से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। डॉ. धर्माधिकारी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक सुझाव दिए तथा रोजगार की प्रतिस्पर्धा में स्वयं को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विवेक,डॉ. सविता नैन, डॉ. नेहा, वैशाली, तान्या एवं डॉ. वीणा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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