राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आई.बी.(एल) पब्लिक स्कूल द्वारा दिनांक 10 सितंबर 2026 को आई. बी. कॉलेज, पानीपत के ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
Resource Persons डॉ अनु गुप्ता (C.B.S.E City Coordinator, Principal S. D. Vidhya Mandir (Huda)और डॉ यतिन रावल (PGT Mathematics , Bal Vikas School, Panipat) रहे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करने हेतु शिक्षकों के लिए Capacity Building Program (CBP) आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत:
- शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों एवं दक्षता-आधारित अधिगम से परिचित कराया गया।
- शिक्षा में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
- बहुभाषी अधिगम एवं समावेशी शिक्षा पर जोर दिया गया।
- विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएँ, समूह चर्चा एवं प्रायोगिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रबंधक युधिष्ठिर मिगलानी , प्रधानाचार्या अमिता चोपड़ा, उप-प्रधानाचार्या मीना तनेजा, वेन्यू डायरेक्टर गोबिंद कालरा, तथा दोनों संसाधन व्यक्ति (Resource Persons डॉ अनु गुप्ता (C.B.S.E City Coordinator, Principal S. D. Vidhya Mandir (Huda)और डॉ यतिन रावल (PGT Mathematics , Bal Vikas School, Panipat) द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर उन्हें पौधा तथा शॉल देकर सम्मानित किया।
Resource Persons ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई है और इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि शिक्षा को अनुभवात्मक और दक्षता-आधारित बनाया जा रहा है तथा विद्यार्थियों को बहुभाषी अधिगम और समावेशी शिक्षा का अवसर मिलेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म जैसे DIKSHA और NETF के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है और शिक्षा को स्थानीय संस्कृति तथा वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, सोचने और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। अंत में उन्होंने कहा कि “शिक्षा वह दीपक है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर समाज को प्रगति की ओर ले जाता है।”
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा विभिन्न गतिविधियों एवं विचार-विमर्श के माध्यम से विषय की गहन समझ प्राप्त की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या अमिता चोपड़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा शिक्षक इस परिवर्तन के मुख्य स्तंभ हैं। उनकी भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने, मार्गदर्शन देने और भविष्य के लिए तैयार करने की है।इस CBP के माध्यम से सीखी गई नई पद्धतियों को अपने कक्षा-कक्ष में लागू करें। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, सोचने और प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। यही वह मार्ग है जो उन्हें आत्मनिर्भर और नवाचारी नागरिक बनाएगा।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। यह कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

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