विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ी, अब 30 नवंबर को होगा अंतिम प्रकाशन: उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता को लेकर निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला
दावे-आपत्तियों के निपटान को मिला अतिरिक्त समय
जिन मतदाताओं को जारी किए गए थे नोटिस, अब 30 नवंबर तक जमा करवा सकेंगे आवश्यक दस्तावेज
त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना प्राथमिकता, प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल करने के लिए बढ़ाया गया समय
BOL PANIPAT , 30 अक्टूबर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में दावे, आपत्तियों और नोटिस के निपटान की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 नवंबर कर दी गई है। इसके साथ ही मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि भी 30 नवंबर निर्धारित की गई है। उपायुक्त ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से भेजे गए समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय सीमा बढ़ाने का निर्णय मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को लंबित दावों, आपत्तियों और नोटिस का निर्धारित समय में निपटान करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध एवं अद्यतन बनाया जा सके।
विदित रहे कि निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया गया था कि नोटिस, दावे और आपत्तियों के निर्णय एवं निपटान की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 20 नवंबर 2026 की जाए तथा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 6 नवंबर 2026 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 की जाए। भारत निर्वाचन आयोग ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए नोटिस, दावे एवं आपत्तियों के निर्णय की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 तथा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि भी 30 नवंबर 2026 निर्धारित कर दी है।

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