Thursday, October 15, 2026
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पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध, वाहन मालिक समय रहते करें आवश्यक कार्रवाई: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 15, 2026 Tags: , , , , ,

10 और 15 साल पुराने 5,896 वाहनों को सडक़ों से हटाने की तैयारी, परिवहन विभाग चलाएगा जागरूकता अभियान

बीएस-1 से बीएस-3 श्रेणी के पुराने वाहनों पर होगी कार्रवाई, 3,880 बीएस-4 वाहनों के लिए बदलाव का विकल्प

प्रदूषण नियंत्रण के लिए पुराने वाहनों पर कसेगा शिकंजा, नियमों की पालना अनिवार्य

BOL PANIPAT , 15 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिले में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में बीएस-1 से बीएस-3 श्रेणी के कुल 5,896 पेट्रोल और डीजल वाहन पंजीकृत हैं, जिन्हें निर्धारित आयु सीमा पूरी होने के कारण एनसीआर क्षेत्र की सडक़ों से हटाना होगा अथवा स्क्रैप करवाना होगा। वहीं, बीएस-4 श्रेणी के 3,880 वाहनों के लिए परिवर्तन योजना के तहत बदलाव का विकल्प दिया गया है। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की ओर से वाहन मालिकों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया गया है।

  उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बढ़ता वायु प्रदूषण आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए चुनौती है। ऐसे में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए निर्धारित नियमों की पालना जरूरी है।

    उपायुक्त ने कहा कि वाहन मालिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अपने वाहनों की आयु और उत्सर्जन मानकों से संबंधित नियमों की जानकारी प्राप्त करें तथा समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाना है।    

    उपायुक्त ने वाहन मालिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और प्रदूषण कम करने में प्रशासन का सहयोग दें, ताकि आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण मिल सके।

विदित रहे परिवहन विभाग एनसीआर क्षेत्र में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों की आयु और उत्सर्जन मानकों से संबंधित नियम लागू हैं। निर्धारित व्यवस्था के तहत 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। इसी के मद्देनजर जिले में आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के मालिकों को जागरूक किया जा रहा है।

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