जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पानीपत ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के साथ मिलकर आर्य पी जी कॉलेज में मनाया विश्व तम्बाकू निषेध दिवस
BOL PANIPAT : माननीय न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व मनीषा बतरा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरपर्सन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पानीपत के मार्गदर्शन व अमित शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पानीपत के द्वारा स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के सहयोग से आर्य पी जी कॉलेज पानीपत में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस शिविर का आयोजन किया गया.
जिसमें अमित शर्मा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवम सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण मुख्य तौर पर उपस्थित रहे स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की तरफ से प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार वर्मा तथा आर्य पी जी कॉलेज के प्रोफेसर विवेक गुप्ता मौजूद रहे. अमित शर्मा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवम सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने बताया कि सभी विद्यार्थी इस देश का सुनहरा भविष्य है जो कि नशे की चपेट में आकर इस सुनहरे भविष्य को बर्बाद कर रहे है. आज के शिविर का मुख्य उद्देश्य तम्बाकू व ड्रग्स के उपयोग के हानिकारक और घातक प्रभावों और सेकंड हैंड स्मोक एक्सपोज़र को रोकने के साथ किसी भी रूप में तम्बाकू का उपयोग कर रहे लोगो को सचेत करना है और आज कल की युवा पीढ़ी में आम होती धूम्रपान की सेहत के लिए हानिकारक होती है यह पता होने के बावजूद लोग धूम्रपान करते दिखाई देते है इसका मुख्य उद्देश्य अपने लोगो और देश को बचाना है जो हमारा दायित्व है आप किसी भी मदद के लिए हमारी जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की हेल्पलाइन नंबर 0180-2640222 पर फोन कर सकते है.
प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार वर्मा ने छात्र और छात्राओं को जागरूक करते हुए बताया कि भारत के 272 जिले ऐसे है जो पूर्ण रूप से ड्रग्स की चपेट में आ चुके हैं जिनमें से 10 जिले हरियाणा के चिन्हित हुए है यह एक बहुत ही गंभीर विषय है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के साथ ब्यूरो द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9050891508 सांझा करते हुए कहा कि इस पर ड्रग्स का व्यापार करने वालों की सूचनाएं दें तथा नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति भी इसी नंबर पर संपर्क कर लाभ उठा सकते है ।

आर्य कॉलेज की एनएसएस इकाई के प्रभारी प्रो. विवेक गुप्ता ने कहा कि ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ मनाने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू के खतरों और स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है. यही नहीं, इसके साथ-साथ निकोटीन व्यावसाय और तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों और मौतों को कम करना भी है। उन्होंने बताया कि इस बार ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ की थीम है–‘पर्यावरण की रक्षा करें’ है।
अंत में इस शिविर का समापन करते हुए आर्य कॉलेज की एनएसएस इकाई के सहप्रभारी डॉ. मनीषा डुडेजा ने बताया कि सिगरेट या तंबाकू में निकोटीन नाम का एक पदार्थ पाया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। आज भारत देश में ज्यादातर बच्चे एवं युवा नशे की लत के आदि हो चुके है जिससे वो विनाश की और अपना कदम बढ़ा रहे है उन्होंने नशे का विरोध करते हुए उसके खिलाफ आवाज उठाने को कहा वहां पर सभी मौजूद व्यक्तियों ने नशे, तम्बाकू को छोड़ने अथवा त्यागने की शपथ ली

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