किसानों को समय पर मिलेगी यूरिया, पारदर्शी वितरण के लिए प्रशासन सख्त: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
बिना एम.एफ.एम.बी. सत्यापन नहीं मिलेगी खाद, टैगिंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
60 प्रतिशत यूरिया सहकारी समितियों और 40 प्रतिशत निजी विक्रेताओं के माध्यम से होगा वितरित
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ बोले— पात्र किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा
BOL PANIPAT : 9 जुलाई। जिले में किसानों को समयबद्ध ढंग से यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। हरियाणा सरकार द्वारा यूरिया खाद वितरण के संबंध में जारी निर्देशों एवं उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के आदेशों की अनुपालना में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले के सभी खाद विक्रेताओं तथा प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यूरिया खाद केवल वास्तविक एवं पात्र किसानों तक ही पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, अनियमितता और टैगिंग जैसी शिकायतों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जारी निर्देशों के अनुसार जिले में उपलब्ध यूरिया खाद का 60 प्रतिशत वितरण कृषि सहकारी समितियों तथा 40 प्रतिशत वितरण निजी खाद विक्रेताओं के माध्यम से किया जाएगा। सभी खाद विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को यूरिया खाद का विक्रय केवल मेरी फसल मेरा ब्यौरा (एम.एफ.एम.बी) पोर्टल पर किसान का पंजीकरण सत्यापित करने के बाद ही किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक किसान को खाद खरीदने पर अनिवार्य रूप से पक्का बिल उपलब्ध कराया जाएगा तथा बिल पर किसान की एम.एफ.एम.बी आईडी स्पष्ट रूप से अंकित की जाएगी, ताकि भविष्य में आवश्यकता पडऩे पर खरीद का सत्यापन आसानी से किया जा सके।
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि खाद खरीदते समय बायोमेट्रिक मशीन पर अपना सत्यापन अवश्य करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यूरिया खाद केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे। बायोमेट्रिक सत्यापन से फर्जी खरीद, कालाबाजारी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिले का कोई भी खाद, बीज अथवा कीटनाशक विक्रेता किसानों को जबरन यूरिया खाद के साथ किसी भी प्रकार की कीटनाशक दवा, सूक्ष्म पोषक तत्व या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। यदि किसी किसान से जबरन टैगिंग किए जाने की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गांव-गांव में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को यूरिया वितरण की नई व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण, पक्का बिल प्राप्त करने तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या टैगिंग की शिकायत तुरंत कृषि विभाग तक पहुंचाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें, प्रत्येक खरीद पर अपना बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं और पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के हितों की सुरक्षा और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यूरिया वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही, कालाबाजारी, फर्जीवाड़ा या किसानों के साथ जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी खाद विक्रेताओं को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को बिना किसी परेशानी के निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाए। यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे जागरूक रहें, अपना बायोमेट्रिक सत्यापन अवश्य कराएं, पक्का बिल लें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इसको लेकर विभाग ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला प्रशासन, विभाग, खाद विक्रेताओं तथा किसानों के आपसी सहयोग से जिले में यूरिया खाद का वितरण पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित एवं पात्र किसानों के हितों के अनुरूप सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया जाएगा।

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