पीडि़तो को सरकार द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता तथा अन्य सभी लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएं: नगराधीश टीनू पोसवाल
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार मामलों की हुई गहन समीक्षा, प्रत्येक पीडि़त को समय पर राहत दिलाने के दिए निर्देश
न्याय और सरकारी सहायता में नहीं होगी देरी
जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में छह मामलों पर मंथन, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की निगरानी तेज, आर्थिक सहायता व जांच प्रक्रिया की समीक्षा
BOL PANIPAT , 6 अगस्त। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में नगराधीश टीनू पोसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न मामलों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के दौरान 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक जिले में दर्ज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के छह मामलों की एक-एक कर समीक्षा की गई।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में पीडि़तो को सरकार द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता तथा अन्य सभी लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। बैठक के दौरान नगराधीश टीनू पोसवाल ने प्रत्येक पीडि़त से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पीडि़तों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पीडि़तों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल मामलों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि पीडि़तों को वास्तविक राहत एवं सुरक्षा प्रदान करना भी है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि छह मामलों में से पांच मामलों में पीडि़तों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कर आवश्यक प्रकरण निदेशालय को भेज दिए गए हैं। शेष एक मामले में तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पीडि़त से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं तथा जैसे ही मामला पोर्टल पर उपलब्ध होगा, तत्काल आर्थिक सहायता जारी करने की कार्रवाई कर दी जाएगी।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों की जांच संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने जिला कल्याण विभाग को भी निर्देशित किया कि पीडि़तों को राहत राशि, पुनर्वास तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के उपलब्ध कराया जाए। बैठक में समिति के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा मामलों की प्रगति और राहत वितरण संबंधी जानकारी सांझा की। बैठक का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीडि़तों को शीघ्र राहत तथा न्यायिक प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करना रहा। इस मौके पर जिला कल्याण अधिकारी जयपान हुड्डा, निरीक्षक विनोद कौशिक, पूर्व सरपंच सत्यवान झंडा, प्राण रत्नाकर, सतप्रकाश वैध के अलावा समिति सदस्य मौजूद रहे।

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