श्री भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन ध्वजारोहण हुआ।
BOL PANIPAT : सनौली रोड, आदर्श कालोनी स्थित श्री भगवान परशुराम मन्दिर में श्री भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन आज सर्वप्रथम ध्वजारोहण हुआ। ध्वजारोहण हरिद्वार से पधारे महामण्डलेश्वर स्वामी अरूणदास जी महाराज द्वारा हुआ। इस अवसर स्वामी जी ने कहा कि आज के समय में भगवान परशुराम जी के जीवन से यह सीखना जरूरी है कि अत्याचारी का प्रतिकार अवश्य करना चाहिए। युधिष्ठिर शर्मा ने वर्तमान परिस्थिति में समाज की दशा के बारे में बताते हुए कहा कि जब तक भारत में शास्त्र और शस्त्र की पूजा की जाती रहेगी। तब तक हमारी संस्कृति अक्षुण्ण रहेगी। हमारे सभी देवी देवताओं के एक हाथ में शस्त्र और दूसरे हाथ में शास्त्र है। यह भारत देश तभी तक है जब तक यहां सनातन धर्म है जब धर्म नष्ट हो जाएगा तब निस्संदेह यह देश तो क्या विश्व भी नहीं बचेगा। डा. महेन्द्र शर्मा ने परशुराम जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परशुराम जी ने शास्त्र के साथ आवश्यकता पड़ने पर शस्त्र को भी उठाया इस विषय में अपने परिवार से विवाद होने के कारण वे महेन्द्र पर्वत पर एकान्त साधना में चले गए। अन्यायी और अत्याचारी राजाओं को दंडित करते हुए उन्होंने 21 बार धरती को मुक्ति दिलवाकर धर्म की स्थापना की। इससे पूर्व मन्दिर परिसर में अखण्ड श्री रामचरितमानस पाठ का आरंभ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि महामण्डलेश्वर स्वामी श्री अरूणदास जी महाराज द्वारा द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शाम के सत्र में श्री राम मन्दिर धाम वार्ड नं. 7 के सदस्यों द्वारा मंदिर परिसर में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित हुआ। भगवान परशुराम जी के भजनों से वातवारण भक्तिमय बन गया। इस अवसर पर प्रधान ईश्वर शर्मा, पं. सतनारायण शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, पिंकल शर्मा, गौरव शर्मा, नन्द किशोर कौशल, मदन शर्मा, हिमांशु शर्मा, ओमदत्तशर्मा, जोगिन्द्र पाल शर्मा, कुश शर्मा, गौतम शर्मा, कृष्ण लाल अग्निहोत्री, राकेश शर्मा, भूषण लाल जेतली, जगदीश लाल जेतली, सोनू शर्मा, कृष्ण लाल शर्मा, अंकुर कौशल, पंकज शर्मा आदि उपस्थित थे।

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