Wednesday, May 13, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्वावलंबी भारत अभियान जिला पानीपत के अंतर्गत  उद्यमिता प्रौत्साहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 27, 2023 Tags: , , , , ,

कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों ने स्वयं के स्टार्टअपस की अनोखी और बेजौड़ कहानियाँ बताकर युवाओं में जगाई आत्मनिर्भरता की अलख

कौशल युक्त व्यक्ति खुद के लिए रोजगार के अवसर पैदा करता तो है ही, साथ ही दूसरों को भी रोजगार देता है: चन्द्रशेखर शर्मा संरक्षक स्वावलंबी भारत अभियान जिला पानीपत

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत एनएसएस यूनिट्स और स्वावलंबी भारत अभियान जिला पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में हुआ समापन

BOL PANIPAT , 27 सितम्बर.   

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्वावलंबी भारत अभियान जिला पानीपत के अंतर्गत उद्यमिता प्रौत्साहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया जिसकी विशेषता कॉलेज के पूर्व और वर्तमान में पढ़ रहे उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना रहा जिन्होनें खुद के व्यवसाय एवं स्टार्टअप्स स्थापित करके युवाओं में आत्मनिर्भरता और रोजगार की नई अलख पैदा की. कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएनएस यूनिट्स की उल्लेखनीय भूमिका रही. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि चन्द्रशेखर शर्मा संरक्षक स्वावलंबी भारत अभियान जिला पानीपत ने की. अतिविशिष्ट उपस्थिति में स्वदेशी जागरण मंच से विक्रम चावला विभाग संयोजक, महेश थरेजा, जितेन्द्र गुप्ता सीए और जिला संयोजक, विजेंद्र अत्री जिला सह-संयोजक, नितिन नागपाल जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख, प्रवीन मनोचा जिला विचार विभाग प्रमुख, आशीष गुप्ता और तारा चंद ने कार्यक्रम में शिरकत की. मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और डॉ संगीता गुप्ता ने भागवतगीता भेंट करके किया. उनके साथ एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी, डॉ एसके वर्मा, डॉ राहुल जैन, डॉ रवि कुमार, प्रो मनोज कुमार आदि भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें कॉलेज के उन पूर्व एवं वर्तमान में पढ़ रहे छात्र-छात्रों द्वारा मंच के माध्यम से अपने व्यवसाय और स्टार्टअप्स के किस्से और संघर्ष को सुनाना रहा जिससे कॉलेज के अन्य युवा विद्यार्थियों में भी आत्मनिर्भर बनने की अलख जगी. स्वयं के स्टार्टअप की शुरुआत करके इन विद्यार्थियों ने न सिर्फ आत्मनिर्भरता की अलख जगाई है परन्तु इन्होनें इस बात को भी पुख्ता किया है कि किसी भी काम को शुरू करने के लिए पूंजी से ज्यादा नए विचारों की जरुरत होती है

कॉलेज के पूर्व और वर्तमान के सफल उद्यमी विद्यार्थियों को मुमेंटो देकर सम्मानित किया गया जिनमें से कईयों ने कॉलेज एनएसएस में भी अपनी सेवाएं दी है और जिसका उनके व्यक्तित्व पर सकारात्मक असर पड़ा है.  

आशीष गुप्ता ने बताया कि वे कॉलेज से 2004 में उतीर्ण हुए और फिर उन्होनें कंप्यूटर में रूचि लेनी शुरू की. आज बालाजी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से वे अच्छा कमा रहे है और कई लोगों को रोजगार भी दे रहे है. किताबें, शादी के कार्ड, बैनर्स, बिलबुक आदि से लेकर नाना प्रकार की छपाई का कार्य वे कर रहे है.

सूरज ने बताया कि कक्षा नौवीं में उन्हें फोटोग्राफी का शौक पैदा हुआ और आज वे अपने फोटो स्टूडियो के माध्यम से अच्छी कमी कर रहे हैं.

शिवानी गुप्ता ने बताया कि उन्होनें 2021 में एसडी कॉलेज से डिग्री हासिल की और आज वे अपने दमपर ब्यूटी पार्लर चलाकर प्रति महिना एक लाख रुपये कमा रही है. उन्होनें 6-7 महिलाओं को रोजगार भी दे रखा है.

अर्जुन काठपाल ने बताया कि वह स्वास्थ्यवर्धक खाने का सामान और ड्राई फ्रूट्स का कारोबार कर रहे है. इसमें वे सालाना 70 से 80 लाख रुपये का सामन बीच रहे है. पानीपत में आज उनके 100 से अधिक आउटलेट केंद्र खोल रखे है.

मृतुन्जय ने कहा कि उन्होनें अपनी डिग्री कॉलेज से 2023 में पास की. आज वे डाई हाउस के मालिक है और उन्हें अब सरकारी नौकरी पाने की कोई अभिलाषा नहीं हैं.

आकाश शर्मा टेक्सटाइल के ऑनलाइन व्यापार में एक करोड़ से ऊपर का सामान बेच रहे है और उनके साथ कई अन्य युवा भी इस कार्य में जुड़े हुए है.

आयुष तलूजा जो कॉलेज से अभी-अभी पढ़ कर निकले है अब टूर एंड ट्रेवल का कार्य करते है. इसमें उनके मित्र नवजोत सिंह भी उनका हाथ बंटाते है.

सागर अपनी डॉग केनल चलाते है और लगभग 50 हजार रुपये प्रति माह तक कमा लेते है.

अंजली सिलाई के काम से 20 हज़ार प्रति माह, नीलू ब्यूटी पार्लर से और इमराना एवं मनीषा ट्युशन से दस हज़ार प्रतिमाह, संदीप वितीय सलाहकार के रूप में कार्य करते हुए 60 से 70 हज़ार रुपये प्रतिमाह, प्रीतिका आर्ट एंड ग्रूमिंग, शादी के मेकअप इत्यादि से 25 हज़ार तक कमाकर अपने परिवार का हाथ तो बंटा ही रही है साथ ही पानी पढ़ाई का खर्च भी निकाल रही है.

अनूप (ट्युशन), राजेश (नर्सरी और ठेकेदारी का कार्य), फैसल (खुद का सैलून), विकास सिंह (कोल्ड ड्रिंक का व्यापार), आदित्य शर्मा (ट्रेवल एजेंसी और सीएससी), वंदना (बच्चों को पढ़ाना), मोहिनी (फ्रीलांस पेंटर), रंजित कौर (ट्युशन) आदि ने भी कौशल विकास को जागरूक करके जीवन के इस अहम पड़ाव में ही खुद को स्थापित कर लिया है.

चन्द्रशेखर शर्मा संरक्षक स्वावलंबी भारत अभियान जिला पानीपत ने कहा कि रोजगार की समस्या आज एक ज्वलंत मुद्दा बन गई है जिसका हल न राज्य सरकार, न केंद्र सरकार और न ही नीति आयोग के पास है. इसे तो समाज और शिक्षित युवाओं को खुद ही हल करना होगा. इतनी बड़ी युवा शक्ति दुनिया के अन्य किसी देश के पास नहीं है और यदि फिर भी भारत के युवा रोजगार को लेकर चिंतित है तो इसका कारण उन्हें खुद ही ढूँढना होगा. हुनरमंद, मेहनती और स्वावलंबी शिक्षित युवा न सिर्फ खुद रोजगार पा सकते है बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने का हौंसला रखते है. वक्त आ गया है की हम खुद में छिपे गुणों को पहचाने और रोज़गार के साधन और संसाधन समाज के लिए पैदा करे. किसी भी काम को शुरू करने से पहले युवाओं को उस कार्य की बारीकीयों को अच्छे से सीखना-जानना होगा. बिना कौशल विकास और उचित प्रशिक्षण के हमें किसी भी कार्य को शुरू नहीं करना चाहिए. बिना संघर्ष और मेहनत के कामयाबी नहीं मिलती है और न ही यह एक दिन में मिल जाती है. कौशल युक्त व्यक्ति खुद के लिए रोजगार के अवसर पैदा तो करता ही है साथ ही दूसरों को भी रोजगार देता है

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान में छात्र-छात्राओं को अपने हुनर और कौशल को विकसित करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए दूसरों को भी रोजगार देने का प्रयास करना चाहिए. काम करने वाले और हुनरमंद व्यक्ति के लिए आज के दिन संसाधनों और अवसरों की कोई कमी नहीं है फिर भी यहाँ के युवा बेरोजगार है. इसका एक मात्र कारण यह है कि यहाँ के युवाओं और पढ़े-लिखों के मन में यह बात बैठ गई है कि रोजगार का मतलब सिर्फ सरकारी नौकरी पाना ही है. इसीलिए हम पिछड़े और कुंठित महसूस करते है. हुनर और ज्ञान में भारत के युवाओं का कोई सानी नहीं है. यही धारणा हमारी मानसिक कुंद्ता का कारण भी है. नौकरी पाना हमारा उद्देश्य होना चाहिए परन्तु अंतिम लक्ष्य कभी नहीं होना चाहिए. युवा एक बार खुद के हुनर को पहचान कर तो देखे, कितने ही कामयाब व्यक्तित्व हम सभी को खुद में दिखाई देंगे. अब शिक्षा को व्यवसायनुमुखी, स्वरोजगारक और स्वावलम्बन की दिशा में लेकर जाना होगा. शिक्षा में उचित परिवर्तनों से युवाओ में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार की सम्भावनाओं को भी बढ़ाया जा सकता है जो वर्तमान की शिक्षा निति में निहित है.

डॉ राकेश गर्ग एनएसएस अधिकारी ने कहा कि हमें स्टार्टअपस, लघु और कुटीर उद्योगो का विकास करना ही होगा क्योकि इस क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाये है. इसमें युवाओ को अपनी क़ाबलियत के हिसाब से रोजगार मिल सकता है तथा इससे वे दूसरों को भी रोजगार दे पायेंगे.

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