उदासीनता या टालमटोल की प्रवृत्ति सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ होगी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
लंबित शिकायतों पर प्रशासन सख्त. 2024-25 की सभी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, जवाबदेही तय
समीक्षा बैठक में अफसरों को चेतावनी: परिणाम नहीं तो कार्रवाई तय
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर की समीक्षा बैठक
BOL PANIPAT , 24 अप्रैल। समाधान प्रकोष्ठ की 39वीं साप्ताहिक समीक्षा बैठक में प्रदेश सरकार ने जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया। शुक्रवार को बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त एवं योजना) अरुण कुमार गुप्ता ने की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी जिलों के उपायुक्तों से लंबित शिकायतों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई और स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में दोबारा खोली गई शिकायतों को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक के बाद उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जिला अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित मामलों की समीक्षा की और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024 और 2025 की सभी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाने को कहा। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जनता की शिकायतें सिर्फ फाइलों में दबाकर रखने के लिए नहीं होतीं, बल्कि उनका समयबद्ध समाधान करना हमारी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि काम में ढिलाई, लापरवाही या अनावश्यक देरी अब बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 की लंबित शिकायतों को मिशन मोड में लेकर तुरंत निपटाएं। हर शिकायत के पीछे एक आम नागरिक की उम्मीद जुड़ी होती है, और उस उम्मीद को टूटने नहीं दिया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर उदासीनता या टालमटोल की प्रवृत्ति सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि अब समय बहाने बनाने का नहीं, बल्कि परिणाम देने का है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम आधारित होनी चाहिए। सभी अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर शिकायत का समाधान तय समय सीमा में हो। उपायुक्त ने यह भी कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पूरे सिस्टम की साख को प्रभावित करती है। बैठक में नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, एसडीएम मनीदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, सीईओ डॉ. किरण, डीआरओ कनब लाकड़ा, डीएसपी सतीश वत्स, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएफओ योगेश शर्मा, डीएचओ योगेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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