उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन करना होगा: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
औद्योगिक इकाइयों से उपायुक्त ने उद्योग प्रतिनिधियों से मांगे सुझाव
यमुना संरक्षण के लिए प्रशासन और उद्योग जगत आए साथ: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
एसटीपी को लेकर हुई चर्चा
पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता, उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण के दिए निर्देश
विशेष गहन पुनरीक्षण पर उपायुक्त ने एसोसिएशन से की सहयोग की अपील
BOL PANIPAT : 3 जुलाई। जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की। बैठक में कई स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने सहित प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने उद्योग प्रतिनिधियों से रचनात्मक सुझाव भी आमंत्रित किए।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि यमुना हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और इसे स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलें, इसके लिए सभी उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन करना होगा। जहां आवश्यकता हो वहां एसटीपी की स्थापना सुनिश्चित की जाए, ताकि बिना शोधन के कोई भी अपशिष्ट जल यमुना में न पहुंचे। प्रशासन इस दिशा में उद्योगों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा और पर्यावरण संरक्षण के हर आवश्यक कदम को प्राथमिकता देगा।
उपायुक्त ने बताया कि सभी उद्योगों के सहयोग से ही स्वच्छ एवं निर्मल यमुना का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उपायुक्त ने सभी औद्योगिक संगठन से विशेष गहन पुनरीक्षण में ज्यादा से ज्यादा सहयोग देने की अपील की।

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