नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण, मरीजों को बेहतर उपचार देने के दिए निर्देश
सीजेएम वर्षा शर्मा ने कहा- संवेदनशील व्यवहार और परिवार का सहयोग नशा छोडऩे में अहम
BOL PANIPAT , 7 अगस्त। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) वर्षा शर्मा ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं, मरीजों को दी जा रही उपचार सुविधाओं तथा पुनर्वास सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति वार्ड में एक मरीज भर्ती मिला। मनोचिकित्सक डॉ. मोना ने सीजेएम वर्षा शर्मा को केंद्र में उपलब्ध उपचार सुविधाओं और केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
सीजेएम ने केंद्र के बाह्य रोगी विभाग के रजिस्टरों का भी निरीक्षण किया, जिन्हें उचित रूप से संधारित पाया गया। उन्होंने एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी तथा ओएसटी सेंटर (एचआईवी विभाग) का दौरा कर वहां मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वर्षा शर्मा ने केंद्र में तैनात काउंसलरों, स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने मरीजों की उचित देखभाल, प्रभावी काउंसलिंग तथा रिकॉर्ड को समय पर अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे व्यक्तियों के साथ संवेदनशील और सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें। उन्होंने मरीजों को नशे से दूर रहने तथा बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशा छोडऩा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इच्छाशक्ति, उचित उपचार, काउंसलिंग और परिवार के सहयोग से इस लत से बाहर निकला जा सकता है।
सीजेएम ने परिवार के सदस्यों से भी अपील की कि वे नशा छोडऩे की प्रक्रिया से गुजर रहे मरीजों को लगातार भावनात्मक सहयोग और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं। परिवार का साथ मरीज के उपचार और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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