Tuesday, May 12, 2026
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मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखे गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at May 9, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 09 मई : सीआईए थ्री पुलिस ने जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखे सोने के गहनों को बदलकर धोखाधड़ी करने के आरोपी पूर्व ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार निवासी हारूगेरी बैलगाम कर्नाटक को शुक्रवार शाम को सिवाह बस अड्डा के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में ब्रांच के एक अन्य कर्मी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा।

सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि थाना शहर में शिमला मौलाना गांव निवासी सुनील पुत्र केहर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने 19 तोले सोना मई 2024 में पानीपत स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को उसने दोस्त संदीप के साथ मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में जाकर लोन के सारे पैसे जमा करा दिए। इसके बाद ब्रांच कर्मियों ने पॉलिथिन में पैक गहने उसको दे दिए। पैकेट को खोलकर देखा तो उसे सोने के कड़े का वजन ज्यादा लगा। तभी उसने ब्रांच कर्मियों को बताया यह कड़ा उसका नहीं है, उसके कड़े का वजन इससे कम था। मौजूद कर्मियों ने उससे कहा 100-150 मिलीग्राम का कोई फर्क नहीं होता और उसको सुनार के पास जाकर तसल्ली करने की बात कही। वह इंसार बाजार में अपने पारिवारिक सुनार की दुकान पर गया। कारिगर ने जांच की तो कड़ा पीतल का मिला। उस पर सोने का अर्क चढा था। सुनार ने कड़ा बनवाने वाले का पता लगाने के लिए कड़े की फोटो खीचकर अपने संगठन के ग्रुप में डाल दी। फोटो देखकर एक सुनार ने बताया कड़ा बनवाने के लिए उसके पास दीपक भोला कारिगर आया था, दीपक भोला को उसने कड़ा बनाने से मना कर दिया था। उसके पास कड़े की फोटो भी भेजी गई थी। इसके बाद सुनार ने दीपक भोला कारिगर को अपनी दुकान पर बुलाया। पूछताछ करने पर दीपक भोला ने बताया उसके पास मणप्पुरम गोल्ड लोन का ब्रांच मैनेजर राजेश्वर महबूल यलगार एक अन्य कर्मी के साथ कड़ा बनवाने आया था। उन्होंने असली कड़ा दिखाकर नकल तैयार करने के लिए कहा था। मैनेजर के कहने पर उसने पानीपत में काफी जगह पता किया सभी ने नकल बनाने से मना कर दिया था। बाद में उसने दिल्ली एक दुकान से कड़ा बनवाकर मैनेजर राजेश्वर को दिया था। पूछताछ में कारिगर दीपक ने बताया उससे अक्सर यह काम करवाते रहते है। शिकायत में सुनील ने बताया इसके बाद उसको पूरा यकिन हो गया कि बैंक के मालिक, मैनेजर और अन्य कर्मियों ने मिली भगत कर उसका सोने का कड़ा बदला है। थाना शहर में सुनील की शिकायत पर बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि सीआईए थ्री पुलिस ने शुक्रवार शाम को मिली गुप्त सूचना पर दबिश देकर आरोपी राजेसाब महबूल यलगार को सिवाह बस अड्डा के पास से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने ब्रांच के एक अन्य कर्मी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया उसने और फरार साथी आरोपी कर्मी ने कंपनी में रखे गोल्ड का रिकार्ड चैक कर धोखाधड़ी करने की साजिश रची। दोनों ने लॉकर में रखे गिरवी गहनों में से सोने का एक कड़ा निकालकर उसमें से 40 प्रतिशत सोना निकालकर बेच दिया और उसकी जगह पीतल डलवाकर उपर सोने की अर्क चढ़वाकर वापिस लॉकर में रख दिया। पुलिस ने आरोपी राजेसाब महबूब यलगार को शनिवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी ने वारदात में शामिल फरार उसके साथी आरोपी के ठीकानों का पता लगा काबू करने और सोना बेचकर हासिल की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी।

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