Thursday, September 10, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण नमन एवं विनम्र श्रधान्जली दी गई

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 30, 2025 Tags: , , , ,

शहीद दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सभी वीरों को किया गया ह्रदय से याद 

‘धैर्य की एक बूँद लाखों उपदेशों से अधिक मूल्यवान है’: डॉ राकेश गर्ग

BOL PANIPAT , 30 जनवरी,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि और शहीद दिवस के अवसर पर राष्ट्रपिता को भावपूर्ण और विनम्र श्रधान्जली दी गई और इस दिन को राष्ट्रीय सदभावना दिवस के रूप में श्रद्धा और विनम्रता के साथ मनाया गया । कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी और अन्य प्राध्यापकों ने भाग लिया । इस अवसर पर लगभग 100 एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांधी जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किये । युवा कार्यकर्ताओं ने साम्प्रदायिक सदभावना की शपथ ली और फिर कॉलेज में साफ़-सफाई कर गाँधी जी के आह्वान को सफल बनाने की पहल की । कार्यक्रम के अंत में ‘एकता और अखंडता’ का भाव लिए एवं सामाजिक समरसता से औतप्रौत युवा स्वयंसेवकों ने रैली निकाली और समाज में शान्ति और भाईचारे का सन्देश दिया ।   

डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि देश के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी ने सत्य और अहिंसा के सहारे विश्व को शान्ति का मार्ग दिखाया । ऐसे महापुरुष आज भी हम सभी के लिए अनुसरणीय है । गांधी जी चाहते थे कि भारत में एक समाज का निर्माण हो जहां सभी लोग बराबर हो और किसी के बीच किसी भी प्रकार का कोई मतभेद न हो । आज हम गांधी जी के विचारों को आत्मसात करके अपने भविष्य को संवार सकते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं । आज के विशेष दिन हमें यह शपथ लेनी चाहिए कि हम सदैव उनके विचारों को अपने जीवन में उतार कर सफलता प्राप्त करेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे । गांधी जी केवल युवाओं के लिए ही प्रेरणाश्रोत नहीं थे बल्कि दुनिया भर के महान व्यक्तित्वों के लिए भी मार्गदर्शक बने । मार्टिन लूथर किंग, नेल्सन मंडेला, जेम्स लॉसन, अल्बर्ट आईन्स्टीन जैसे कितने ही व्यक्तित्व महात्मा गांधी के विचारों के कायल हुए । गांधीजी हमेशा कहते थे कि ‘धैर्य की एक बूँद लाखों उपदेशों से अधिक मूल्यवान है’ । 

डॉ संतोष कुमारी ने कहा कि 30 जनवरी का शहीद दिवस महात्मा गांधी को समर्पित है । देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 30 जनवरी को पुण्यतिथि मनाई जाती है । देश को आजादी दिलाने के लिए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले गांधी जी के निधन के बाद उनकी पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाने लगा । साल का दूसरा शहीद दिवस हम सभी मार्च माह में मनाते हैं । 23 मार्च को अमर शहीद दिवस मनाया जाता है । असल में 23 मार्च 1931 को आजादी की लड़ाई में शामिल क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी । अंग्रेजों ने सेंट्रल असेंबली में बम फेंकने पर उन्हें फांसी की सजा सुनाई और भारतीयों के आक्रोश के डर के कारण तय तारीख से एक दिन पहले गुपचुप तरीके से तीनों को फांसी दे दी । अमर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हम शहीद दिवस मनाते हैं । 30 जनवरी को शहीद दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और तीनों सेना प्रमुख राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं । सेना के जवान भी इस मौके पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देते हुए हथियार नीचे झुकाते हैं । 

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