लंबित शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई, अधिकारियों को पेंडेंसी जल्द क्लियर करने के निर्देश
जो अधिकारी समीक्षा बैठक में गैर हाजिर रहे उनकी अनुपस्थिति दर्ज करने के दिए निर्देश
जिन विभागों की पेंडेंसी क्लियर नहीं उन विभागों को शनिवार को करना पड़ेगा कार्य
BOL PANIPAT , 21 अगस्त। समाधान प्रकोष्ठ की 45वीं समीक्षा बैठक में जिले में लंबित एवं दोबारा खोली गई शिकायतों के निपटारे को लेकर विजय सिंह दहिया, आईएएस ने प्रदेश भर के सभी उपायुक्त और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिले की स्थिति भी जानी।
बाद में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों की शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिले में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। किसी भी नागरिक की समस्या को अनदेखा नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति को समझते हुए उसका नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करें और अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित न रखें। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार शिकायतों की पेंडेंसी की समीक्षा की तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिन शिकायतों पर कार्रवाई लंबित है, उनकी नियमित निगरानी की जाए और समाधान में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि जिन विभागों की शिकायतों पर कार्रवाई लंबित है, उनकी नियमित निगरानी की जाए और समाधान में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों को विभागवार चिह्नित कर उनकी दैनिक स्तर पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान प्रकोष्ठ से संबंधित पेंडेंसी को निर्धारित समय में क्लियर करें तथा भविष्य में शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित होने से रोकने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस मौके पर विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

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