रिश्वतखोर अधिकारी ने शिकायतकर्ता को अदालत के बाहर दी जान से मारने की धमकी।
-कहा इतना जुर्माना लगा देंगे की पूरी जिंदगी जुर्माना देने में ही निकल जाएगी.
BOL PANIPAT : जीएसटी विभाग के सुपरिंटेंडेंट और प्राइवेट सीए को एंटी करप्शन ब्यूरो से रंगे हाथों पकड़वाना शिकायतकर्ताओं को महंगा पड़ गया। दरअसल जीएसटी विभाग के सुपरिंटेंडेंट और प्राइवेट सीए को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आज अदालत में पेश करने पहुंची थी इसी दौरान शिकायतकर्ता भी साथ में मौजूद थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि माननीय जज किसी दूसरे केस की सुनवाई कर रहे थे जिसके चलते हम 10 मिनट के लिए कमरे के बाहर खड़े थे इस दौरान सुपरिटेंडेंट प्रेमराज मीना और उसके साथ मौजूद योगेंद्र नाम की शख्स ने उन्हें जान से मारने और 2 करोड रुपए का जुर्माना बनवाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने कहा की 2 करोड रुपए का जुर्माना बनवा देंगे पूरी उम्र भरते रहना। शिकायतकर्ता ने बताया की धमकी की शिकायत उन्होंने माननीय जज को दी तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एक और शिकायत नजदीकी थाने में देने की बात कही।जिसके बाद शिकायतकर्ता ने दोनों आरोपियों समेत दो और लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग भी की है।
आपको बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर जीएसटी विभाग के सुपरिंटेंडेंट और एक प्राइवेट सीए को 7 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था और साढ़े 3 लाख रुपए पहले ही आरोपी ले चुके थे जिसके चलते आज एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने पहुंची थी। शिकायतकर्ता की सनौली रोड पर फैक्ट्री है, जिसमें हैंडलूम का काम है। शिकायत कर्ता ने बताया कि आरोपी सुपरिंटेंडेंट और सीए ने गलत जीएसटी के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की थी, हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने जीएसटी में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं की है बावजूद उसके उन पर दबाव बनाया जा रहा था और करोड़ों रुपए का जुर्माना भरने की एवज में 12 लाख की रिश्वत मांगी थी।

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