ओस्टेज कोटा में हुए 22 करोड़ के घोटाले मे प्लाट धारकों को शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश
22 करोड़ के ऑस्टिज प्लाट घोटाले को दबाने का अधिकारी और दलाल रच रहे हैं षड्यंत्र:-स्वामी
BOL PANIPAT (20 नवंबर ) ऑस्टिज प्लॉट ड्रा में हुए 22 करोड़ के घोटाले में निदेशालय पंचकूला द्वारा प्लाट धारकों को शो कॉज नोटिस जारी करने के लिए संपदा अधिकारी हुड्डा पानीपत को निर्देश दिए गए हैं इस बारे में शिकायतकर्ता जोगिंदर स्वामी पूर्व जिला पार्षद ने विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि पानीपत के मुख्य दलाल नवीन जिंदल के साथ लीगल सेल पंचकूला के अधिकारी मिले हुए हैं और वह इस मामले को लटका कर अजीत बालाजी जोशी मुख्य प्रशासक की ईमानदारी से डरकर उनके स्थानांतरण तक फाइलों को दबाकर रखना चाहते हैं ताकि जब दूसरा मुख्य प्रशासक आए तो इस मामले को पूरी तरीके से रफा-दफा कर दिया जाए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जब 2021 में रिमाइंडर डाला गया तब भी इस पर शो कॉज नोटिस जारी किया गया और अब 1 साल के अंदर दोबारा फिर से शो कॉज नोटिस जारी होना अपने आप में एक हैरानी का विषय है और यह दर्शाता है कि पंचकूला निदेशालय के कुछ अधिकारी इस घोटाले पर पर्दा डाल कर मामले को रफा-दफा करना चाहते हैं जबकि अब तक इन प्लाटों को कैंसिल हो जाना चाहिए था
उन्होंने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 6 प्लाट कमला देवी प्लॉट नंबर 733 पी 232 ए , प्रताप मलिक प्लॉट नंबर 1061, मलिक जगबीर मलिक 1413 जय भगवान नंबर 1412 केला देवी प्लॉट नंबर 975 568 बलविंदर सिंह 568 बी गलत तरीके से अलॉट करवाए थे उन्होंने कहा कि इन सभी प्लाटों के ऊपर दोबारा से एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई थी जिसमें इन सभी प्लाटों को निरस्त करने बारे अनुमोदित किया गया था जो आज से 3 -4 महीने पहले रिपोर्ट मुख्य प्रशासक को भेज दी गई थी उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ी हैरानी का विषय तो यह है कि इस ड्रा मे कोई भी किसान शामिल नहीं था इसमें दलाल नवीन जिंदल के साथ जितने उसके रिश्तेदार और खरीदार थे उनके द्वारा ड्रा निकलवाया गया और उनको ही यह प्लाट आवंटित किए गए
उन्होंने कहा कि इससे बड़ा घोटाला क्या होगा कि जो प्लाट सेक्टर 18 और 24 के लिए आवेदित थे उन सभी प्लाटों को शहर के सबसे महंगे क्षेत्र और पॉश इलाके में तत्कालीन मुख्य प्रशासक एके सिंह से मिलीभगत करके इस दलाल ने सेक्टर 11- 12 मे अलॉटमेंट करवा कर करोड़ों रुपए की अवैध कमाई वसूल की जिसकी की मुख्य प्रशासन के पास अन्य सेक्टरों में प्लाट देने की कोई पावर ही नहीं होती उसके बावजूद भी इन प्लाटों को दूसरे सेक्टर में किया गया इसी के साथ साथ 16 जुलाई 2015 में भी जब एके सिंह आईएएस मुख्य प्रशासक थे जो बाद में एचएसवीपी के कमिश्नर भी रहे तब भी मिलीभगत करके कुछ प्लॉट जिनमें 1090 ,1059, 1091, 1092, 1094 इन प्लाटों के भी सेक्टर 12 में अलॉटमेंट करवा ली गई इन प्लाटों में भी पुरी धांधली की गई यह सभी प्लाट भी सेक्टर 18 और 24 के लिए अनुमोदित थे उन्होंने मुख्य प्रशासक से मांग करते हुए कहा है कि इन प्लॉटों की भी जांच बैठाई जाए और इसमें शामिल अधिकारियों और दलालों पर आपराधिक मामला दर्ज करते हुए इन प्लाटों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए उन्हें दोबारा से ऑक्शन में डाला जाए

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