उद्योगों से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें अधिकारी: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
विकास कार्यों के साथ पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना भी सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त
विभाग आपसी समन्वय से उद्योगों एवं कारोबारियों को समय पर दें आवश्यक अनुमतियां
जनहित और औद्योगिक विकास में संतुलन बनाकर काम करे अधिकारी
BOL PANIPAT , 25 अगस्त। जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्लियरेंस कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित उद्योगों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लंबित आवेदनों, आवश्यक अनुमतियों, एनओसी तथा अन्य सेवाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए और अनावश्यक रूप से किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए। बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम, शहरी स्थानीय निकाय, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, खान एवं भू-विज्ञान विभाग तथा हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण से संबंधित विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित वायु एवं जल प्रदूषण की सहमति, सहमति के स्वत: नवीनीकरण, औद्योगिक भवन योजनाओं की स्वीकृति, सीवरेज कनेक्शन, भूमि उपयोग परिवर्तन, अग्निशमन योजना, बिजली कनेक्शन, पैकर, निर्माता पंजीकरण, साधारण मिट्टी अथवा अर्थ के उत्खनन की अनुमति तथा भूजल दोहन के लिए एनओसी एवं पंजीकरण से संबंधित आवेदनों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण, अग्नि सुरक्षा, भूजल संरक्षण और अन्य वैधानिक मानकों का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन की निर्धारित नियमों के अनुसार जांच करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से उन मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिनमें आवेदनों पर आपत्तियां, पुन: प्रस्तुत आवेदन अथवा अन्य विभागों से संबंधित औपचारिकताएं लंबित हैं। उन्होंने कहा कि जहां आवेदक की ओर से कोई कमी है, वहां स्पष्ट रूप से आवश्यक दस्तावेज अथवा कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए, ताकि प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी न हो। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य उद्योगों और कारोबारियों को अनावश्यक परेशान करना नहीं, बल्कि पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध तरीके से सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना है। हर विभाग अपने स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करे और पात्र आवेदनों का निपटारा निर्धारित समयसीमा में सुनिश्चित करे। साथ ही, पर्यावरण, अग्नि सुरक्षा, भूजल संरक्षण और अन्य वैधानिक नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। औद्योगिक विकास और जनहित के बीच संतुलन कायम रखते हुए पानीपत को सुविधाजनक, सुरक्षित और निवेश के अनुकूल औद्योगिक जिला बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में उठाए गए प्रत्येक मामले की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और संबंधित आवेदकों को प्रक्रिया की स्थिति के बारे में समय पर जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि नागरिकों और उद्यमियों को पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समय पर सेवाएं मिलें। इस मौके पर विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

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