Tuesday, April 28, 2026
Newspaper and Magzine


एसडी पीजी कॉलेज में यूनीक आर्ट्स सोसाइटी द्वारा एवं हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग से एक दिवसीय नाटक ‘मोक्ष’ का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 10, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में यूनीक आर्ट्स सोसाइटी द्वारा एवं हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग एक दिवसीय नाटक ‘मोक्ष’ का आयोजन किया गया.
यह नाटक मां की ममता की अनूठी दास्तान है. एक अनकही, अबूझ सी अनोखी कशमकश है. गोपाल मुथुस्वामी और रमैया के बेटा कर्णेशप्रिय पैदा होता है. वह स्कूल जाने लगता है. अचानक एक दिन वह बीमार हो जाता है. वह न तो चल सकता है, न ही बोल सकता है. डॉक्टर इसे लाइलाज बीमारी बताते है। दोनों को चिंता रहती है कि उनके जाने के बाद उनके बेटे का क्या होगा? वे‌ कई सामाजिक संस्थाओं के पास जाते हैं कि उनके जाने के बाद उनके बेटे की परवरिश करें।
लेकिन कहीं से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलता। वह अपने बेटे के लिए कुछ भी करने को तैयार है, अपनी सारी जायदाद तक उस संस्था को देने की बात भी करते हैं जो उनके बेटे की  परवरिश कर सके। अचानक एक दिन उनके बेटे का कत्ल हो जाता है। रमैया और मुत्थुस्वामी से पूछताछ होती है। पुलिस गोपाल मुत्थुस्वामी को गिरफ्तार करके ले जाती है। आखिर केस अदालत में चलता है। यह शक भी होता है कि  गोपाल मुथुस्वामी ने ही कहीं अपने बेटे की हत्या तो नहीं कर दी। लेकिन कोई चश्मदीद गवाह न होने की वजह से अदालत गोपाल मुत्थुस्वामी को बाइज्जत बरी कर देती है। इसके बाद से गोपाल मुत्थुस्वामी परेशान रहने लगता है कि आखिर कौन उसके बेटे की हत्या कर सकता है। बाद में पता चलता है कि हत्या उसकी पत्नी ने ही कि है और उसकी पत्नी भी खुद को गोली मारकर खत्म कर लेती है। आखिर में गोपाल को एक लवारिस बच्ची मिलती है जिसे वो पालने की ठान लेता है और कहता है कि मोक्ष प्राप्ति के लिए लड़का जरूरी नही, लड़की भी बराबर का स्थान रखती है। मनमोहन गुप्ता ‘मोनी’ द्वारा लिखे गए इस नाटक का निर्देशन सोनिका भाटिया ने किया है। इसमें अदाकारी की सोनिका भाटिया, गोरकी सिंह, ज़ोरावर सिंह, सौदामिनी, लोकेश और नवी
खान ने निभाई। गीतों को अपनी आवाज से निखारा संदीप कंबोज ने। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने निर्देशक व सभी रंग कर्मियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि नाटक अभिव्यक्ति के माध्यम से सामाजिक विषय पर जागरूकता हेतु श्रेष्ठ माध्यम है. आधुनिक समय में शिक्षा व तकनीक के क्षेत्र में प्रगति के पश्चात भी अनेक सामाजिक विषयों जैसे कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं के शिक्षा व अधिकारों की और उदासीनता, वरिष्ठ नागरिकों की दशा, तकनीक के दुरुपयोग से युवाओं का गिरता मानसिक स्वास्थ्य, युवाओं में नशे का प्रचलन आदि की ओर जागरूकता का अभाव है. अनेक संगठन संस्कृतिक प्रयोगों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का यह कार्य संपन्न कर रहे हैं. उन्होंने यूनिक आर्ट्स सोसायटी के प्रयासों की सराहना की व संगठन को शुभकामना दी. एक घंटे चले मोक्ष नाटक के मंचन में 300 विद्यार्थी दर्शक के रूप में सम्मिलित हुए. नाटक की प्रस्तुति ने युवाओं का ध्यान पूर्णता एकाग्र किया. अनेक युवाओं ने अपना विचार व्यक्त किया कि वे नाटक के संदेश से अति प्रभावित है. इस अवसर पर कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने युवाओं से आह्वान किया कि शिक्षा के साथ-साथ महाविद्यालय की गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को व्यक्तित्व विकास के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं. विद्यार्थियों को इनका समुचित प्रयोग करना चाहिए. महाविद्यालय में सांस्कृतिक विभाग की विभागाद्यक्ष डॉ. संगीता गुप्ता ने मंच संचालन किया. उन्होंने कहा कि स्त्रियों की शिक्षा में सम्मानजनक परवरिश आज की समाज के समक्ष चुनौती पूर्ण प्रश्न है. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत थिएटर के क्षेत्र में अनेक वर्षों से सक्रिय है. भिन्न-भिन्न सामाजिक व नागरिक विषयों पर जागरूक कार्यक्रमों में निरंतर सलंगन है. महाविद्यालय में अतीत में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा) द्वारा चार नाटक कार्यशाला का आयोजन किया जा चुका है. इनमें तैयार नाटकों का प्रदेश देश में अनेक स्थानों पर अनेक बार मंचन किया जा चुका है. इस अवसर पर डॉ. संगीता गुप्ता, प्रो. जुगमती, प्रो. किरण, दीपक मित्तल आदि उपस्थित रहे.

Comments