एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सेबी मुंबई द्वारा ‘स्टॉक एक्सचेंज में अवसरों की संभावनाएं’ पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन
सेबी के निर्देशानुसार ‘वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता’ विषय पर विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ मोहम्मद जफरुद्दीन, मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने किया जागरूक
वित्तीय जागरूकता के माध्यम से ही लोगों का आर्थिक कल्याण और भविष्य की बढ़ती हुई वित्तीय समस्याओं का समाधान संभव है: डॉ दीपिका अरोड़ा
BOL PANIPAT , 16 फरवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्टॉक एक्सचेंज में अवसरों की अपार संभावनाएं विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया जिसमे वाणिज्य विभाग के बीकॉम और एमकॉम छात्र-छात्राओं के साथ प्राध्यापकों ने भाग लिया. प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की पहल पर और सेबी के निर्देशानुसार ‘वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता’ विषय पर विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ मोहम्मद जफरुद्दीन, वित्तीय शिक्षा प्रशिक्षक मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने जागरूक किया और उनके ज्ञान में वृद्धि की. सेमीनार का विधिवत शुभारम्भ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करके किया और सम्पूर्ण कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ दीपिका अरोड़ा मदान रही. उनके साथ प्रो पवन सिंगला, डॉ दीपा वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, डॉ पवन कुमार, प्रो सोनिका, प्रो मनोज कुमार आदि सेमीनार में उपस्थित रहे. सेमीनार का उद्देश्य आज के अनिश्चितताओं से भरे वातावरण में वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता को पैदा करना रहा. विद्यार्थियों को सेमीनार में म्यूच्वल फंड, स्टॉक एक्सचेंज, स्टॉक बाजार, बैंक इत्यादि के अलावा डीमैट अकाउंट के बारे में जानकारी दी गई.
मोहम्मद जफरुद्दीन, वित्तीय शिक्षा प्रशिक्षक मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने कहा सेबी की मोबाइल एप के बारे में बताते हुए कहा कि इसको इस्तेमाल करके कैसे छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकती है. उन्होनें कहा कि वित्तीय साक्षरता का उद्देश्य आम लोगों में वित्तीय जागरूकता लाने और उन्हें धन प्रबंधन, बचत का महत्व, बैंकों में बचत रखने के लाभ, बैंकों द्वारा दी जानेवाली अन्य सुविधाओं और बैंकों से उधार लेने से होने वाले लाभ के विषय में शिक्षित करना है और इसी उद्देश्य से इस सेमीनार का आयोजन किया गया है. वित्तीय साक्षरता से हमारे विचारों में बदलाव आएगा जिससे हमारे काम बदलेंगे और जब हमारे काम बदलेंगे तब हमारे परिणाम भी बदल जायेंगे. इस तरह जब हमारे वित्तीय विचारमें बदलाव आएगा तब समाज में भी वित्तीय बदलाव आएगा. जब हमारा समाज वित्तीय रूप से प्रशिक्षित होगा तब हमारा देश भी वित्तीय रूप से मजबूत हो जायेगा. आज जरुरत वित्तीय समस्या की नहीं है बल्कि वित्तीय समाधान की है और इसमें युवाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना हमारा ही दायित्व है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि ऐसे आयोजन से छात्रों को पैसों के सही एवं सुरक्षित निवेश की जानकारी मिलती है. सिक्योरिटीज मार्केट, च्यूअल फंड, विनिवेश तथा अन्य विषयों पर इतने सरल शब्दों में जानकारी देना अपने आप में एक सफल प्रयास है. आज दौर में सही जगह और सही समय पर निवेश करने के लिए वित्तीय साक्षरता बहुत जरूरी है. कोविड के दौर में वैसे भी लोगों को पैसों की अहमियत और बचत का महत्व का पता चल गया है. आज के स्पर्धात्मक युग में वित्तीय साक्षरता के अभाव में चंद मिनटों में ही गाढ़ी कमाई को गलत जगह निवेश हम अपनी सारी जमा पूंजी को गंवा सकते हैं. ऐसे में लोगों में वित्तीय जागरूकता का होना बहुत जरूरी है ताकि लोग अपने कमाए पैसों को सही जगह पर निवेश कर सकें. इस सेमीनार ने यही हमें सिखाया है.
डॉ दीपिका अरोड़ा मदान वाणिज्य विभाग ने कहा कि वित्तीय शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने का अर्थ लोगों की वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए मदद करना है. वित्तीय शिक्षा का विस्तार करना हमारा न सिर्फ हमारा फ़र्ज़ है बल्कि यह हमारा कर्त्तव्य भी है. इसी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों का आर्थिक कल्याण तथा वर्तमान एवं भविष्य की बढ़ती हुई वित्तीय समस्याओं का समाधान संभव है. आज हमें समस्या का नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनना है और इसके लिए वित्तीय साक्षरता को अपनाना ही होगा. आज भारत को केवल विचार की नहीं बल्कि एक वित्तीय विचार की सख्त जरूरत है. जब हमारे समाज का एक-एक परिवार आर्थिक रूप से मज़बूत होगा तभी हमारा देश भी आर्थिक रूप से मज़बूत होगा. यही इस सेमीनार को आयोजित करने का उद्देश्य रहा है.

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