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कानूनी साक्षरता एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में एक योग कार्यशाला का आयोजन किया

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at May 24, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : स्थानीय आई. बी. पी. जी. महाविद्यालय,पानीपत में कानूनी साक्षरता एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में एक योग कार्यशाला का आयोजन किया गया | इस कार्यशाला में,  सीमाक्षी वर्मा ने  मुख्य वक्ता की भूमिका निभाई | इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य  डॉ. अजय कुमार गर्ग  ने  अपने वक्तव्य  में बताया कि वर्तमान समय में अपने व्यस्त  जीवन शैली  के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते है | योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है | योग सही तरह से जीने का विज्ञान है , इसलिए इसे दैनिक जीवन में शामिल किया जाना चाहिए | 

मुख्य वक्ता सीमाक्षी वर्मा ने बताया कि आधुनिक समय में महिलाएं अपने कैरियर और परिवार दोनों की जिम्मेवारी उठा रही है, इसलिए जीवन के सभी पहलुओं  को संतुलित करने के लिए योगाभ्यास अवश्य हो जाता है |  परिवार और घर का प्रबंध करते  समय महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करती है  जिससे उन्हें मानसिक और सारा दिन जीवन शैली से जुडी समस्याएं और पीसीओएस जैसे हार्मोनल डिसऑर्डर, थायराइड  डिसऑर्डर, मोटापा और तनाव हो सकता है | स्वस्थ तन  और मन से महिलाए अपना  और अपने परिवार का भी अच्छे से ख्याल रख सकती है | इसलिए मन, शरीर  और आत्मा के   संतुलन को बनाए रखने के लिए योगाभ्यास करना आवश्यक है |

 महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा  डॉ. किरण मदान ने कहा कि प्रजनन चक्र और इससे जुड़ी हारमोंस  सम्बन्धित समस्याओं के कारण, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती है | यौवन से लेकर बच्चे के जन्म और फिर रजोनिवृति तक महिला के शरीर में जीवनभर बहुत बदलाव आते है इसलिए शरीर पर पड़ने वाले इन प्रभावों को दूर करने के लिए योग का निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए | 

कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉ. पूनम मदान ने   कहा कि महिलाओं में कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो समस्याएं  पैदा कर सकते हैं जैसे थकावट, मूड में उतार- चढ़ाव, रजोनिवृति ऐसी  समस्याएं  है जिनसे महिलाओं को जूझना पड़ता है | इन समस्याओं में योग  उपचार की भूमिका निभाता है | नियमित तौर पर योगासन, प्राणायाम न सिर्फ महिलाओं के स्वास्थ्य को ठीक रखता है बल्कि मानसिक  परिवर्तन और शारीरिक संतुलन जैसी आने वाली समस्याओं से निपटने में भी बेहद कारगर  है | 

कार्यशाला में उपस्थित छात्राओं द्वारा मुख्य वक्ता से अनेक प्रश्न किये गए | मुख्य वक्ता ने प्रश्नों  का उत्तर दे  छात्राओं की जिज्ञासा को  शांत किया |  मंच का संचालन प्रो.  रेखा शर्मा द्वारा किया गया | इस अवसर पर डॉ.  रामेश्वर दास, डॉ.  सीमा, प्रो. राजेश, प्रो. कनक शर्मा, डॉ. निधि, डॉ. शर्मिला,  प्रो. सुरेन्द्र ,प्रो. सुखजिंदर सिंह , प्रो. करुणा, प्रो. रितिका, प्रो. आकांशा, प्रो. अंशिका और प्रो. राहुल आदि मौजूद रहे |

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