पानीपत के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राम मोहन राय की नई यात्रा वृतांत पुस्तक ‘सुहाना सफर(भाग-2)’ का विमोचन
BOL PANIPAT : प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा यात्रा साहित्यकार राम मोहन राय की नवीनतम कृति ‘सुहाना सफर, भाग 2’का भव्य अनावरण विगत वर्ष प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक एवं कवि दीप चंद्र निर्मोही द्वारा उनके निवास स्थान पर किया गया।
यह पुस्तक Uni Creation Publishers, भारत के एक प्रतिष्ठित प्रकाशन गृह द्वारा प्रकाशित की गई है। लगभग 174 पृष्ठों में फैली यह पुस्तक राम मोहन राय की पोलैंड, स्विट्जरलैंड, इटली तथा नीदरलैंड्स की यादगार यात्राओं का जीवंत एवं आकर्षक वर्णन प्रस्तुत करती है।
पुस्तक में लेखक ने इन यूरोपीय देशों की संस्कृति, वहां के लोगों के जीवन-शैली, रहन-सहन, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक स्थलों, स्थानीय परंपराओं एवं आधुनिक जीवन की खूबसूरती को अत्यंत सरल, सहज एवं भावपूर्ण भाषा में उतारा है। पाठक को ऐसा प्रतीत होता है मानो वह स्वयं इन देशों की सड़कों पर चल रहा हो, वहां की हवा में सांस ले रहा हो और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर रहा हो।
विमोचन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि दीप चंद्र निर्मोही ने लेखक राम मोहन राय को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद देते हुए कहा,
“राम मोहन स्वभाव से ही घुमक्कड़ हैं। वे न केवल स्वयं दुनिया देखते हैं, बल्कि अपनी यात्राओं के माध्यम से अपने सभी मित्रों, पाठकों एवं समाज को भी इन अनुभवों में शामिल करना चाहते हैं। उनकी लेखनी में यात्रा का सौंदर्य ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाएं, सांस्कृतिक समृद्धि और जीवन के सूक्ष्म पहलू भी जीवंत हो उठते हैं। ‘सुहाना सफर, भाग 2’ निश्चित रूप से यात्रा साहित्य प्रेमियों के लिए एक अनमोल उपहार है।”
राम मोहन राय ने अपनी पुस्तक के बारे में बताया कि यह उनकी पूर्व प्रकाशित यात्रा वृतांत श्रृंखला का दूसरा भाग है। उन्होंने कहा,
“यात्रा मेरे लिए केवल घूमना नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को समझना, उनसे सीखना और अपने देशवासियों तक पहुंचाना है। इस पुस्तक में मैंने यूरोप के इन खूबसूरत देशों की सैर कराई है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और मानवीय गरिमा दोनों साथ-साथ नजर आते हैं। मैं आशा करता हूं कि यह पुस्तक पाठकों को नई प्रेरणा देगी और उन्हें भी सफर पर निकलने के लिए उत्साहित करेगी।”
‘सुहाना सफर, भाग 2’ यात्रा प्रेमियों, साहित्यकारों तथा उन सभी पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी जो विदेशी संस्कृतियों को करीब से जानना चाहते हैं। पुस्तक की भाषा सरल होने के कारण यह हर वर्ग के पाठकों के लिए सुलभ है।
प्रकाशक Uni Creation Publishers ने भी इस पुस्तक को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद जताई है।
राम मोहन राय पानीपत में सामाजिक कार्यों के साथ-साथ कानूनी क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और उनकी यह पुस्तक उनकी बहुमुखी प्रतिभा का एक और सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है। सुहाना सफर, भाग 2 निश्चित रूप से हिंदी यात्रा साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

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