सतपाल राणा ने राशन डिपो घोटाला की जांच विजिलेंस के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की.
BOL PANIPAT : पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री के प्रधान सचिव रहे सतपाल राणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि पानीपत में जो राशन डिपो घोटाला हुआ है उसकी जांच को दबा दिया गया है इस लिए यह जांच विजिलेंस के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की है क्योंकि विजिलेंस इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती उन्होंने कहा है कि यह घोटाला 20 लाख का न होकर के लगभग 100 करोड़ का है उन्होंने कहा है कि इस घोटाले में हरियाणा के एक मौजूदा मंत्री का भी हाथ है जिसके तार मंत्री के रिश्तेदारों और निजी लोगों से जुड़े हुए हैं सीबीआई जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा उन्होंने कहा है कि एक ही परिवार के रिश्तेदारों और मित्रों के नाम पर 8-8 डिपो किसी पूर्व पार्षद की रिकमेंडेशन पर नहीं हो सकते यह रिकमेंडेशन किसी विधायक या मंत्री की पाएगी तभी यह डिपो बने हैं पानीपत ग्रामीण हल्के में ऐसे फर्जी डिपो की भरमार हैं जिसमें बाहर से अपने रिश्तेदारों और मित्रों को लाकर के डिपू उनके नाम करवा करके बड़े-बड़े घोटाले किए हैं जिसमें हरियाणा के एक मंत्री के निजी सचिव ,रिश्तेदार और पूर्व पार्षद भी इसमें शामिल हैं इसलिए मंत्री के रहते विजीलेंस की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती या तो मंत्री को इस्तीफा देना पड़ेगा तभी निष्पक्ष जांच हो सकती है राणा ने कहा है कि एक पूर्व पार्षद के बेटे ने यह बयान दिया है कि हमारी सहायता से ही यह डिपो बने हैं किसी पार्षद के रिकमेंडेशन पर कोई डिपो नहीं बन सकता या तो इस पर विधायक की रिकमेंडेशन है या मंत्री की पानीपत ग्रामीण हलके के कई पूर्व पार्षदों अपने मित्रों रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी राशन डिपो बनाकर के यह घोटाले किए हैं इन सब की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ऐसे लोग जो पानीपत की गरीब जनता का राशन हड़पने का कार्य कर रहे हैं इस घोटाले में विभाग के कई बड़े अधिकारी भी शामिल है और बगैर डीएफएससी के यह घोटाला नहीं हो सकता राणा ने कहा है कि अगर सरकार ने निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा अपने सहयोगी संगठनों के साथ धरना प्रदर्शन करेगा और मंत्री की उच्च क्षत्रिय जांच की मांग करेगा

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