एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में आयोजित इंटर कॉलेज योग टूर्नामेंट में हासिल किया दूसरा स्थान
–दो छात्रा और तीन छात्र खिलाडियों का हुआ ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी योग टूर्नामेंट के लिए चयन
–व्यक्तिगत चेतना और स्वयं की आत्मा से साक्षात्कार का सबसे शक्तिशाली माध्यम है योग: दिनेश गोयल
BOL PANIPAT , 11 नवम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की (महिला) योग टीम ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र में 6 से 7 नवम्बर को आयोजित इंटर कॉलेज योग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे टूर्नामेंट में दूसरा स्थान हासिल किया किया । एसडी पीजी कॉलेज की महिला टीम में से प्रिया और रिया राणा का चयन आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी योग टूर्नामेंट के लिए हो गया है । रिया राणा, प्रिया, भतेरी और सेजल इससे पहले भी हरियाणा स्टेट ओलिंपिक योग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैडलस पर कब्ज़ा कर चुकी है । इसके साथ-साथ कॉलेज की पुरुष टीम के तीन खिलाड़ियों अनिल, हरविंदर और निशांत का चयन आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी योग टूर्नामेंट के लिए हो गया है । हर्ष का विषय यह भी रहा कि अनिल, मनीष और निशांत 2025-26 के खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी हिस्सा लेंगे । विदित रहे कि हरियाणा स्टेट ओलिंपिक योग टूर्नामेंट में रिया राणा दो कांस्य पदक, प्रिया एक कांस्य पदक, सेजल एक कांस्य पदक और मानसी एक स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी है ।
कॉलेज पहुँचने पर एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा प्रो सुशीला बेनीवाल, प्रो आनंद, प्रो रेखा, प्रो नीलम, कोच अंकुश मलिक, ग्राउंड्समैन प्रताप और स्टाफ सदस्यों ने विजेता खिलाड़ियों का स्वागत किया और उनका हौंसला बढ़ाया । विदित रहे कि उपरोक्त सभी खिलाडी इससे पहले भी कई योग प्रतियोगिताओं में मैडल जीत कर कॉलेज और प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं ।
प्रधान दिनेश गोयल ने सभी खिलाड़ियों को शाबाशी देते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन हमेशा ही खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और शिक्षा के बीच सामंजस्य बनाने का प्रयास करता रहा है ताकि हर विद्यार्थी के व्यक्तित्व का समग्र विकास हो सके और हर छात्र-छात्रा को जीवन में आगे बढ़ने का बराबर अवसर मिल सके । योग में दूसरा स्थान व बहुत से पदक जीतकर इन खिलाड़ियोंने हमें यह सिखाया है कि मजबूत भविष्य निर्माण किसी भी मार्ग से हो सकता है । जरुरत सिर्फ लगन, मेहनत और अनुशासन की है । योग भावनात्मक एकीकरण और रहस्यवादी तत्व का स्पर्श लिए हुए एक आध्यात्मिक उंचाई है जो हम सभी को कल्पनाओं से परे की एक झलक देने में पूर्ण रूप से सक्षम है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने विजेता खिलाडियों रिया राणा, प्रिया, भतेरी, सेजल, अनिल, हरविंदर, निशांत, मनीष और विशाल का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है । योग दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच का सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी पैदा करता है । यह व्यायाम के बारे में नहीं है बल्कि अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय बारे में है । कॉलेज के खिलाडियों ने न सिर्फ योग को अपनाया है बल्कि इसमें पदक जीत कर यह भी साबित किया है कि योग हर प्रकार से हमारी उन्नति में मददगार सिद्ध होता है । योग व्यक्तिगत चेतना और खुद की आत्मा से मिलने का सबसे बेहतर तरीका है ।
डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि योग को औपचारिक रूप से 2020 में एक खेल के रूप में मान्यता दी गई और भारत में राष्ट्रीय योग खेल महासंघ को इस खेल के लिए आधिकारिक शासी निकाय बनाया गया । स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने पर जोर देने के साथ, योगासन को खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में कलारीपयट्टू, गतका और मलखंब के साथ शामिल किया गया । योग द्वारा हमारा शरीर तंदुरस्त रहता है, हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, योग के नियमित अभ्यास से शरीर रोग मुक्त रहता है, शरीर की शक्ति, चपलता, लोच एवं समन्वय में बढ़ावा होता और इससे हमारी स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है । इसीलिए योग को खेलों में प्रमुख स्थान मिला है ।

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