एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने डीजीएचई हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज वॉलीबॉल टूर्नामेंट में हासिल किया रजत पदक
–चार कॉलेज की टीमों को पटखनी देकर जीता 15 हज़ार रुपये का ईनाम
–खेलों में खिलाड़ियों की बढती रूचि और उपलब्धियां नये भारत की उभरती तस्वीर है: डॉ अनुपम अरोड़ा
–वॉलीबॉल का खेल अनुशासन, मानसिक दृढ़ता और तेज निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 03 फरवरी : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की पुरुष वॉलीबॉल टीम ने राजकीय कन्या महाविधालय करनाल में डीजीएचई हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज वॉलीबॉल टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल कर कॉलेज और जिले का नाम रोशन किया । एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने सभी मैचों में प्रतिद्वंदी टीमों को पछाड़ते हुए पुरुष वॉलीबॉल चैंपियनशिप में इस गौरव को प्राप्त किया । एसडी पीजी कॉलेज की वॉलीबॉल टीम ने पहले मैच में जीजेयू कॉलेज हिसार को 25-15 एवं 25-17 के अंतर से, जाट कॉलेज कौल की टीम को 25-12 एवं 25-14 के अंतर से, दयाल सिंह कॉलेज करनाल की टीम को 25-15 एवं 25-21 के अंतर से और फाइनल मैच में डीएवी कॉलेज करनाल की टीम को 25-21 एवं 25-23 के अंतर से पटखनी दी । विजेता खिलाड़ियों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो नीलम, कोच अंकुश मलिक, प्रो पूजा और प्रो आनंद ने किया । कॉलेज की पुरुष वॉलीबॉल टीम ने कप्तान सुहैल की अगुआई में ऋषभ, ऋतिक, सचिन, ऋतिक कुमार, भविष्य, अमित, अलीश, विवेक, तुषार, सुप्रीत और राहुल के शानदार खेल के बूते पर सभी मैचों में शानदार जीत हासिल कर इस मुकाम को प्राप्त किया ।
दिनेश गोयल ने कहा कि वॉलीबॉल के इन खिलाड़ियों ने जो उपलब्धि हासिल की है वह हर विद्यार्थी के लिए गौरव और हर्ष का विषय है । इस जीत के पीछे इनकी लगन और कड़ी मेहनत का हाथ है । वॉलीबॉल हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और मांसपेशियों की ताकत बढ़ाता है । यह एक तेज गति वाला खेल है जो संतुलन और सहनशक्ति को विकसित करता है । वॉलीबॉल में बेहतर परिणाम के लिए टीम के साथियों के बीच तालमेल और संचार आवश्यक है । यह सहयोग और साथियों पर भरोसा करना सिखाता है । यह खेल तेजी से निर्णय लेने और हाथ-आँख समन्वय को बढ़ाता है । यह मानसिक तनाव को कम करने और फोकस को सुधारने में सहायक है । कॉलेज अपने खिलाड़ियों को हर तरह से प्रोत्साहित करता है और आगे भी करता रहेगा ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए कहा कि ऐसे खिलाडी बहुत कम होते है जो कम उम्र में बड़े कारनामे कर जाते है । इन सभी खिलाड़ियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा है और यह अभी और भी बड़ा मुकाम हासिल करेंगे । वॉलीबॉल एक बेहतरीन सामूहिक खेल है जो शारीरिक फिटनेस, मानसिक सतर्कता और टीम वर्क को बढ़ावा देता है । यह हृदय, स्वास्थ्य में सुधार, कैलोरी बर्न करने और समन्वय को बढ़ाने के साथ-साथ तनाव कम करने और सामाजिक संबंध मजबूत करने में मदद करता है । यह खेल अनुशासन, मानसिक दृढ़ता और तेज निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है ।
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि वॉलीबॉल एक मैदानी खेल है और जिसमे मैदान के दो पालों के बीच एक नेट लगा होता है । यह एक मनोरंजक स्वदेशी खेल है जो युवाओं में ओज और स्वस्थ संघर्षशील जोश भरता है । यह खेल में अत्यधिक तंदुरुस्ती, कौशल, गति और ऊर्जा की माँग करता है । 1895 में विलियम जी. मॉर्गन द्वारा आविष्कार किया गया यह खेल मूल रूप से कम शारीरिक मेहनत वाला एक इनडोर खेल था जो अब एक लोकप्रिय और आक्रामक खेल के रूप में विकसित हो चुका है ।

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