Tuesday, April 28, 2026
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी देश एकता के लिए हुए बलिदान: अर्चना.

By LALIT SHARMA , in Politics , at June 23, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 23 जून , डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश एकता के लिया अपना बलिदान दिया। एक देश दोविधान, दो निशान दो प्रधान नही चलेंगे । देश में धारा 370 व 35ए का प्रावधान कर तत्कालीन सताधारियों ने कश्मीर को भारत से पूरी तरह जोड़ने में बाधा खड़ी कर दी डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके विरोध में संघर्ष किया । जम्मू व कश्मीर में परमिट प्रणाली लागू थी शेष भारत का कोई भी नागरिक बिना परमिट के जम्मू कश्मीर में प्रवेश नहीं कर सकता था डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध किया और इसके लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ये शब्द जिला भाजपा अध्यक्ष डा अर्चना गुप्ता ने हुड्डा स्तिथ कार्यालय पर उनके बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। सभी कार्यकर्ता ने डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर डा अर्चना गुप्ता ने कहा की डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी बहुत कम आयु में कुलपति बन गए। जिससे ये पता लगता है की वे कितने मेधावी थे। उद्योग मंत्री के रूप उद्योग नीति को तैयार करना और देश को औद्योगिकरण और ले जाने का मार्ग प्रशस्त किया।

सार्वजनिक व निजी पूंजी के मिश्रण से अर्थ नीति व उधोग नीति तैयार करना आज के भारत की नींव उन्होंने ही तैयार की थी। डा अर्चना ने कहा की शिक्षा का भारतीय करण करने में उनका अहम योगदान रहा। डा अर्चना ने कहा की आज हम निर्बाध रूप से कश्मीर जा सकते है. ये सब डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की वजह से हो पाया है। डा अर्चना ने कहा भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने धारा 370 व 35 ए हटा कर डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को पूरा कर उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र एकता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। जिला मीडिया प्रभारी ईश कुमार राणा ने बताया कि पूरे जिले के सभी मंडलों के सभी बूथों पर डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सुनील परदाना, अनीता निशा सिंह महेश नारंगत, सुनीता गोयल, वीरू मक्कड़, ललित दुदेजय, महेश वोरा, नितेश, राजेश वर्मा, चिराग महेंद्र कत्याल, नरेंद्र टकियार, रविंद्र मंडल, अरुण पसरीचा, सन्नी सेठी, विक्की कत्याल, पुरुषोत्तम अग्रवाल, रोहित मनाना, मंजू नारायण आदि मौजूद रहे।

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