एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर की विधिवत शुरुआत
–शिविर भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा और जिला रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित
–युवा अपने जीवन में सामाजिक कार्यों और दायित्वों को भी शामिल करे: डॉ सुनील कुमार, जनरल सेक्रेटरी, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा
–दुनिया का सबसे बड़ा स्वैच्छिक मानवतावादी संगठन है रेड क्रॉस: गौरव राम करण, सचिव जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पानीपत
–जिले के 16 महाविधालयों के 150 से अधिक वाईआरसी कार्यकर्ता ले रहे शिविर में भाग
BOL PANIPAT , 23 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर की विधिवत शुरुआत हुई जिसमे बतौर मुख्य अतिथि एवं की-नॉट स्पीकर डॉ सुनील कुमार जनरल सेक्रेटरी भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा एवं सैंट जॉन एम्बुलेंस रहे । अति-विशिष्ट मेहमान के तौर पर गौरव राम करण सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत, डॉ पूजा सिंघल रक्त आधान अधिकारी रेड क्रॉस पानीपत, हरमेश चंद जिला प्रशिक्षण अधिकारी पानीपत और श्रीमती कला ने कार्यक्रम में शिरकत की । 23 से 27 फरवरी तक चलने वाला पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ और रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित है और कैंप में पानीपत जिले के 16 महाविद्यालयों के 150 से अधिक कार्यकर्ता और काउंसलर भाग ले रहे है । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में वाईआरसी काउंसलर डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने पौधा-रोपित गमले भेंट कर किया । प्रात: कालीन सत्र की शुरुआत श्लोकोच्चारण, जतिन के सितार वादन और वाईआरसी मतलौडा के विद्यार्थिओं द्वारा गाये गए स्वागत गीत से हुई । तत्पश्चात माननीय मेहमानों रेड क्रॉस ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण हेतू पौधारोपण भी किया गया । सभी प्रतिभागीओं को वाईआरसी शपथ भी दिलाई गई ।
प्रथम दिन डॉ पूजा सिंघल रक्त आधान अधिकारी ने रक्दान और इसके फायदों पर विस्तृत व्याख्यान दिया । सोनिया शर्मा ने फर्स्ट-ऐड और सीपीआर की विधि को प्रैक्टिकल के माध्यम से करके दिखाया ।
विदित रहे की पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कैंप में युवा कार्यकर्ताओं को टीबी, मलेरिया, एचआईवी/एड्स, हिपेटाईटिस बी एवंसी, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, राष्ट्रीय एकता, ड्रग डी-एडिक्शन, भ्रूण हत्या, वरिष्ठ नागरिक और हमारे दायित्व, स्वच्छ पेयजल, आपदा प्रबंधन, अंग दान, फर्स्ट ऐड, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, संतुलित भोजन और बिमारियों से बचाव, एनीमिया आदि जैसे विषयों पर विस्तृत और व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण दिया जाएगा । शिविर में कार्यकर्ताओं एवं उनके साथ आये अधिकारियों को मानसिक और व्यक्तित्व के विकास हेतू टिप्स एवं प्रशिक्षण भी दिया जाएगा । सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन सभी वाईआरसी कार्यकर्ताओं में एकजुटता के भाव पैदा करने में सहायक होगा ।
डॉ सुनील कुमार, जनरल सेक्रेटरी, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा ने कहा कि किसी भी देश में कोई न कोई आपदा आती रहती है । जब भी किसी देश में कोई मुसीबत या परेशानी आती है तो उस देश की सरकार के द्वारा बचाव कार्य करके लोगों की जान बचाई जाती है । रेड क्रॉस भी ऐसे ही लोगों की सहायता करती है । रेड क्रॉस संस्था लोगों के खाने-पीने, चिकित्सा और उनके रहने की व्यवस्था करती है । किसी भी देश में मुसीबत के दौरान यह संस्था सामने आकर ज़्यादा से ज़्यादा मानव जीवन की रक्षा करती है । भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के दौरान की गई थी और आज भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की 700 से भी ज्यादा शाखाएं है । प्रशिक्षण कैंप में सभी कार्यकर्ता आपस में जीवंत संवाद करेंगे ऐसी उन्हें उम्मीद है । केवल मात्र सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए हमें वाईआरसी को नहीं अपनाना चाहिए । हर विद्यार्थी को खुद में छुपे गुणों को पहचानना चाहिए ।
गौरव राम करण सचिव जिला रेड क्रॉस पानीपत ने कहा कि वाईआरसी कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे रेडक्रॉस के युवा क्लब से जुड़कर प्राथमिक उपचार एवं आपदा से निपटने का प्रशिक्षण समय रहते ले ताकि समय पड़ने पर वे आम जनमानस का सहयोग कर सकें । कोई भी समाज या देश अकेले सरकार के प्रयासों से अपने लक्ष्यों को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सकता और ऐसे में सामाजिक संस्थाओं को समाज व देश के हित में पूरी शिद्दत से काम करने की जरूरत है । सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए नई पीढ़ी के युवाओं को और प्रेरित करने की आवश्यकता है और यह शिविर उसी उद्देश्य का निर्वाह करेगा । रेडक्रॉस इस दिशा में अपने सामाजिक दायित्वों को सबसे बेहतर ढंग से निभा रहा है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने रेड क्रॉस के बारे में बताते हुए कहा कि मानवता को बचाने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था का नाम ही रेड क्रॉस है । रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों की सहायता के लिए बनाया गया था परन्तु आज इसका कार्य क्षेत्र और भी व्यापक हो गया है । इसका उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा करना है चाहे वो युद्ध हो या अन्य आपदाएं । हेनरी ड्यूनेंट नामक व्यक्ति ने 1867 में इस संगठन की शुरुआत की थी । रेडक्रॉस मानवता की सेवा करने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है । उन्होनें सभी युवाओं से अपील की कि वे भी मानवता की सेवा करने का भाव खुद में पैदा करें । रेड क्रॉस से जुड़ा व्यक्ति सैदेव अच्छे कार्य करता है जिससे उसे आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है । रेडक्रॉस मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता जैसे सिद्धांतो पर चलती है । विश्व मानवतावाद का दूसरा नाम रेड क्रॉस है ।
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि कॉलेज चाहता है कि आज के युवा जो कल का भविष्य है हर मायने में तंदुरस्त और सेहतमंद रहे और इसी प्रकार वाईआरसी और रेडक्रॉस से जुड़ कर सामाजिक हित के कार्य करते रहे । रेड क्रॉस सोसाइटी और इसके कार्यकर्ता हर जगह और हर समय दृढ़ता और मेहनत से अपना काम करते रहेंगे उनकी यही उम्मीद है उन से ।

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