Wednesday, June 17, 2026
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बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 6 लाख रूपये की ठगी मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार.

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at July 14, 2024 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 14 जुलाई 2024, थाना किला पुलिस ने वधावाराम कॉलोनी निवासी युवक से उसके बेटे को बैंक में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 6 लाख रूपए की ठगी करने मामले में तीसरे आरोपी को शनिवार देर शाम गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान धीरज निवासी बबैल हाल विजय नगर के रूप में हुई। पुलिस पकड़ से बचने के लिए आरोपी बाल व दाढी बढ़ाकर कुरूक्षेत्र व राजस्थान में छुपकर फरारी काट रहा था।

थाना किला प्रभारी सब इंस्पेक्टर महाबीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपने दोस्त नितिन व मामले में पहले पकड़े जा चुके अपने भाई पंकज व पिता जयकुमार के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। गहनता से पूछताछ करने व ठगी की बची राशि बरामद करने के लिए पुलिस ने रविवार को आरोपी धीरज को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया।

सब इंस्पेक्टर महाबीर सिंह ने बताया कि थाना किला में वधावाराम कॉलोनी निवासी कृष्ण पुत्र पोखर सिंह ने 17 नवम्बर 2018 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह एक कंपनी में काम करता है। उसके बेटे ने सरकारी नौकरी के लिए क्लर्क व बैंक के फार्म भरे हुए है। बेटा कोचिंग लेकर तैयारी कर रहा है। कंपनी का सुपरवाईजर जावा कॉलोनी निवासी नितिन पुत्र अशोक करीब 1 साल पहले उससे मिलकर कहने लगा उसकी जानकारी ऐसे व्यक्ति से है जो आपके लड़के को बैंक में नौकरी लगवा देगा। नितिन ने उसको अपने जानकार विजय नगर निवासी दो सगें भाई धीरज व पंकज से मिलवाया। दोनों ने प्रधानमंत्री के पीए से जानकारी होने की बात कहकर उसे विश्वास में लेकर बेटे को नौकरी लगवाने के 8 लाख रुपये मांगे। 6 लाख रूपये पहले व 2 लाख रूपये काम होने के बाद देने के लिए कहा। विश्वास कर उसने उन दोनों को किश्तों में 6 लाख रूपये कैश दे दिए। धीरज ने विश्वास दिलाने के लिए कुछ दिन बाद उसके व बेटे के वॉट्सअप पर अपनी बहन का ज्वाईनिंग लेटर भेजा। इसके बाद जुलाई 2017 में बेटे का ज्वाईनिंग लेटर वॉटसअप किया।
उसने पंचकुला मुख्य ब्रांच में पता किया तो ज्वाईनिंग लेटर फर्जी पाए गए। वह बेटे व भाई को साथ लेकर धीरज व पंकज के घर गया और दोनों से अपने पैसे वापिस मांगे तो दोनों गाली गलौच करने लगे और मारपीट करने पर उतारू हो गए।
उसने धीरज व पंकज के पिता जयकुमार से बात की तो वह दो महीने तक पैसे वापिस करने की बात कहकर गुमराह करता रहा। बाद में थाना किला में शिकायत दी तो इसके अगले दिन धीरज व पंकज के पिता जयकुमार ने उसको घर पर बुलाकर पंचायत में खुद पैसे देने की बात कहते हुए किश्तों में चार महिने में पैसे देने की बात लिखकर दी। चार महिने बाद भी पैसे नही मिले तो उसने जयकुमार से फोन पर बात की तो कहने लगा वह इंतजाम कर रहा है। बाद में तीनों धमकी देने लगें। 
धीरज ने काफी दिन बाद 11 अगस्त 2018 को एक एक लाख रूपये के 6 चेक दिए। उसने चेक अपने खाते में लगाए तो बैंक की तरफ से बताया गया धीरज ने उक्त सभी चेक की राशि रुकवाई हुई है।
धीरज, पंकज व इनके पिता जयकुमार ने नितिन के साथ मिलकर नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर उससे 6 लाख रूपए की ठगी कर ली। कृष्ण की शिकायत पर थाना किला में अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

सब इंस्पेक्टर महाबीर सिंह ने बताया कि थाना किला पुलिस टीम ने मामले में नामजद आरोपी पंकज व जयकुमार को अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि में से 15800 रूपये बरामद कर दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उन्हें न्यायिक हिरासत जेल भेजने के बाद आरोपी धीरज व नितिन की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।

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