मॉरीशस के वाणिज्य मंत्री का पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का दौरा
BOL PANIPAT : 27 अगस्त, 2025, मॉरीशस के वाणिज्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने 26 अगस्त, 2025 को पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (PRPC) का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महामहिम माइकल यंग सिक युएन, वाणिज्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने किया, जिनके साथ श्रीमती मनोरमा देवरानी माथुर डाबिदिन, स्थायी सचिव, और डॉ. नम्रता रीटू, सहायक स्थायी सचिव उपस्थित थीं।
प्रतिनिधियों का स्वागत अरविंद कुमार, निदेशक (रिफाइनरी) अतिरिक्त प्रभार निदेशक (पाइपलाइन्स), इंडियनऑयल द्वारा किया गया। इस अवसर पर सौमित्रा श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी); एम. एल. डहरिया, कार्यकारी निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख, पीआरपीसी; अजय कैला, कार्यकारी निदेशक (कोर ग्रुप), एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
दौरे के दौरान महामहिम यंग सिक युएन को पीआरपीसी का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने 2G और 3G बायो-एथेनॉल प्लांट, CR-11 कंट्रोल रूम और प्रोडक्ट एप्लिकेशन एवं डेवलपमेंट सेंटर (PADC) का दौरा किया, युवा इंजीनियरों के साथ संवाद किया और नेट-ज़ीरो 2046 तक पहुँचने के लिए इंडियनऑयल के नवाचार प्रयासों की सराहना की।

अपने संबोधन में महामहिम माइकल यंग सिक युएन ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक संबंध रहे हैं, जो दोनों देशों की विकास कहानियों को आकार देते रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इंडियनऑयल की रिफाइनरी भारत के ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और मॉरीशस जैसे देशों को भी समर्थन प्रदान करती है। रिफाइनरी के नवाचार, स्थिरता और गुणवत्ता पर ध्यान देने की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ये मूल्य दोनों देशों की भविष्यदृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं।
महामहिम ने यह भी कहा कि ऊर्जा सुरक्षा मॉरीशस के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता है, क्योंकि यह देश बड़े पैमाने पर ईंधन आयात पर निर्भर है। उन्होंने पेट्रोलियम आपूर्ति, संयुक्त उद्यमों और कौशल विकास में सहयोग के व्यापक अवसरों की ओर इशारा किया। उन्होंने भारत के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और स्थिरता व नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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