साइक्लोथॉन रैली में 64 वर्षीय साइक्लीसट बढ़ा रहे हैं युवाओं का हौंसला.
कश्मीर से कन्याकुमारी तक की कर चुके हैं साइकिल यात्रा

BOL PANIPAT , 1 सितम्बर। नशे की लत को युवाओं से छुड़ाने और इसके विरूद्घ शुरु की गई इस लड़ाई में रोहतक वासी 64 वर्षीय कमलेश राणा और 64 वर्षीय सहदेव साइक्लोथॉन रैली में युवाओं का बढ़चढ़ कर हौंसला बढ़ा रहे हैं।
इस साइक्लोथॉन रैली में 64 वर्षीय कमलेश राणा इससे पूर्व कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा साइकिल पर सवार होकर कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 2017 में जब उनके पति का देहांत हुआ तो उन्हें शुगर और कॉलस्ट्रोल की समस्याओं से जुझना पड़ा और उन्हें डिप्रेशन रहने लगा। इसी को देखते हुए उनके मन में साइकिल चलाने की इच्छा जागृत हुई। इसी इच्छा के बूते पर उन्होंने लुधियाना में खुले आयु वर्ग में साइक्लिंग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यही नहीं नासिक में आयोजित साइकिल प्रतियोगिता में 30, 50 व 60 किलो मीटर की साइक्लिंग रेस में गोल्ड मेडल भी जीता।
इसी तरह 64 वर्षीय रोहतक वासी सहदेव भी साइक्लिंग का शौक रखते हैं और वे भी कश्मीर से कन्या कुमारी तक यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह से नशे के विरूद्घ यह डंका बजाया है, उससे युवाओं में जागरूकता फैलेगी और वे इस लत के विरूद्घ खुद भी लड़ेंगे। सरकार की ओर से यह अच्छी पहल की गई है। जिसे हम सब मिलकर सार्थक परिणाम दे सकते हैं। इस साइकलोथॉन रैली में भाग ले रहे दीपक, राजेन्द्र, कुलदीप, अमित इत्यादि ने भी इस मुहिम में नशे को दूर करने वाली ताकतों को बल देने का प्रयास करते हुए कहा कि हम सब युवाओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि हम स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भ्ज्ञी इसकी लत ना लगने दें। नशा समाज, घर, और वातावरण को दूषित करने के साथ-साथ हमारी व्यक्तिगत जिंदगी को भी बर्बाद करता है। हमें इससे दूर रहना होगा और समय रहते दूसरों को भी इसके विरूद्घ जागरूक करना होगा। इस साइक्लोथॉन रैली को लीड कर रहे साइक्लिंग कोच अशोक शर्मा ने बताया कि इस साइक्लोथॉन रैली का करनाल से मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा झण्डी दिखाकर रवाना किया गया है। यह रैली विभिन्न जिलों से होती हुई 25 सितम्बर को समाप्त होगी।

Comments