एसडी पीजी कॉलेज में वर्ल्ड बेकिंग डे पर बेकरी प्रोजेक्ट का शुभारम्भ एवं उदघाटन
-‘अर्न वाइल यू लर्न’ के तहत बेकरी पदार्थों का विक्रय लाभ विद्यार्थियों को बेकिंग की प्रक्रिया से विविध केक बनाकर छात्राओं ने दिखाया अपने हुनर का जौहर
-आत्म-निर्भरता ही हमारे जीवन का मूल सिद्धांत, मूल आदर्श एवं मूल-मन्त्र होना चाहिए: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में वर्ल्ड बेकिंग डे के अवसर पर बेकरी प्रोजेक्ट का शुभारम्भ हुआ. इस प्रोजेक्ट का मकसद ‘अर्न वाइल यू लर्न’ के तहत बेकरी पदार्थों के निर्माण और फिर उससे होने वाले विक्रय-लाभ को हुनरमंद विद्यार्थियों को देना है ताकि इस कमाई से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास और सम्मान बढे बल्कि ये जीवन में आगे भी खुद को एक सफल उद्यमी या व्यवसायी के रूप में स्थापित कर सके. कॉलेज के प्राध्यापकों एवं अन्य सफल एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन में 30 छात्राओं को चयन होम साइंस विषय के लिए किया गया जिसमे ये छात्राएं स्टार्ट अप इंडिया और कौशल विकास जैसी स्कीमों के माद्यम से अपने हुनर को निखार कर बेकिंग की प्रक्रिया से विविध केक एवं अन्य उत्पाद न सिर्फ छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को विक्रय कर रही है बल्कि ‘अर्न वाइल यू लर्न’ के माध्यम से दूसरों को भी आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ा रही है.
इसी उद्देश्य को मद्देनजर रखते हुए लेकर वर्ल्ड बेकिंग डे के अवसर पर कॉलेज के होम सांइस विभाग के तत्वाधान में बेकिंग प्रक्रिया से स्वादिष्ट केक, कुकीज, बिस्कुट और ब्राउनिज बेक किये गए और इस डे को लज्जतदार और मिठासपूर्ण तरीके से मनाया गया.
केक की प्रदर्शनी लगाकर सभी स्टाफ सदस्यों को दिखाई गई और केकस को विक्रय के लिए भी रखा गया जिसमे केक हाथों-हाथ बिक गए. केक एवं बेकरी प्रदर्शनी का उदघाटन प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया जिसका उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और इस कमाई से उन्हें प्रौत्साहित करना था. रोज केक, ऑरेंज क्लॉव केक, हमिंग बर्ड केक, डेविल फूट केक, हेमार केक, चॉकलेट केक, वनीला केक, पाइन एप्पल केक, स्ट्रॉबेरी केक इत्यादि कितने ही केक्स से पूरा समां खुशबूदार एवं मुंह में पानी भरने वाला रहा जिसने सभी का मन मोह लिया. प्रो गीता प्रुथी, प्रो अन्नू आहूजा और प्रो तन्नू मेहता की अगुआई में बीए तृतीय वर्ष की छात्राओं मंजू, नेहा, अन्नू, नेहा तिवारी और स्वाति ने गृह विज्ञान की प्रयोगशाला में विभिन्न तरह के केक खुद तैयार कर सभी के मन पर अमिट छाप छोड़ी और स्टार्ट अप इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के दावे को पुख्ता किया. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी प्राध्यापकों संग जाकर केक प्रदर्शनी को देखा और स्वादिष्ट पकवानों का लुत्फ़ उठाया और कुछ प्राध्यापक तो उंगलियाँ चाटते नजर आये.
विदित रहे की बेकिंग की दुनिया हजारों वर्ष पुरानी है और इसकी शुरुआत 600 ईसा पूर्व हुई थी जब मिश्र के लोगों ने रोटी पकाने में खमीर का इस्तेमाल किया. अब प्रत्येक वर्ष 17 मई को इसे दुनिया भर में होने वाली बेकिंग की ख़ुशी फ़ैलाने के लिए मनाया जाता है. इस अवसर सभी स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की जमकर तारीफ़ की और कहा की सभी छात्राओं में एक सफल उद्यमी बनने के गुण विद्यमान है.
पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने अपने आशीर्वचन में कहा की कौशल विकास को छात्र-छात्राओं के मध्य पहुंचाने के लिए प्रबंधन पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसके लिए जो भी कोर्स, प्रोजेक्ट और प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज में शुरू करने पड़े प्रबंधन उन्हें अवश्य पूरा करेगा. आर्थिक व्यय को कभी भी आड़े नहीं आने दिया जाएगा और प्रशासन अपने हर विद्यार्थी के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने का भरपूर प्रयास करेगा. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि छात्राओं को चाहिए की वे अपनी छुपी हुई प्रतिभा और हुनर को स्टार्ट अप इंडिया जैसी स्कीमों के माध्यम से व्यवसाय में अपनाए. पकवानों की इतनी विभिन्नता और स्वाद इस बात का द्योतक है की छात्राओं की प्रतिभा बेजौड़ है और इसके माध्यम से वे सफल उद्यमी या अन्य व्यवसाय कर सकती है.
केक की इस प्रदर्शनी केमाध्यम से होम साइंस की छात्राओं ने कई सकारात्मक सन्देश अन्य छात्र-छात्राओं को दिए है. मनुष्य को जीवन में दूसरों पर भरोसा न कर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनना चाहिए. आत्म-सहायता ही हमारे जीवन का मूल सिद्धांत, मूल आदर्श एवं मूल-मन्त्र होना चाहिए. आत्मविश्वासी व्यक्ति वीर और संकल्पी होता है. वह बाहरी सहायता पर विश्वास नही करता बल्कि मुसीबतों से संघर्ष करता है तथा हर पग पर नए अनुभव प्राप्त करता है. ऐसा व्यक्ति ही दया, आदर और प्रशंसा का अभिप्राय माना जाता है. प्रो गीता प्रूथी विभागाध्यक्ष गृह विज्ञान की ने कहा कि आत्मनिर्भरता वो सुख है जो किसी अन्य पर आश्रित व्यक्ति को नहीं मिलता है. आत्मनिर्भर होना वो गहना है जो समय के साथ और ज्यादा चमकता है. हम किसी बड़े काम से नहीं बल्कि छोटे- छोटे कार्यों की शुरुआत से आत्मनिर्भरता को अपना सकते है. आत्म-शक्ति से परिपूर्ण व्यक्ति जल्द ही दुनिया में कामयाबी की तरफ अग्रसर हो जाता है.
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ मुकेश पुनिया, प्रो राकेश सिंगला, प्रो नरेंद्र कौशिक, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ राकेश गर्ग, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान, प्रो मयंक अरोड़ा, प्रो तनू मेहता, दीपक मित्तल आदि उपस्थित रहे.

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